Blackstone India Investment : भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर बार-बार सवाल उठाए जाते हैं। लेकिन, हर बार इन सवालों के जवाब ऐसी जगहों से आते हैं, जो इंडिया की ग्रोथ स्टोरी में और ज्यादा भरोसा जगाते हैं। ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब Blackstone के COO जोनाथन ग्रे ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा दांव खेलने का संकेत दिया है। दुनिया की सबसे बड़ी ऑल्टरनेट इनवेस्टमेंट कंपनियों में शामिल Blackstone अगले 5 साल में भारत में अपने निवेश को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर यानी करीब 9.50 लाख करोड़ रुपये तक ले जाना चाहती है। कंपनी के मुताबिक, बाजार में गिरावट और विदेशी निवेशकों की सतर्कता के बावजूद भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी मजबूत बनी हुई है।
अब भारत में कितना निवेश किया?
जोनाथन ग्रे के मुताबिक कंपनी का भारत में निवेश फिलहाल करीब 50 अरब डॉलर यानी करीब 4,75,000 करोड़ रुपये के आसपास है। इसके अलावा अगले 5 साल में इसे दोगुना करके 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। मौजूदा विनिमय दर के आधार पर यह रकम करीब ₹9.5 लाख करोड़ बैठती है।
कहां निवेश करेगी कंपनी?
ग्रे के मुताबिक यह केवल एक निवेश लक्ष्य नहीं, बल्कि भारत के प्राइवेट इक्विटी, रियल एस्टेट और नए उभरते कारोबारों में कंपनी की दीर्घकालिक दिलचस्पी का संकेत है। ग्रे के मुताबिक, भारत में निवेश के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं और कंपनी को अपने निवेश के लिए कारोबारों की गुणवत्ता से समझौता करने की जरूरत नहीं पड़ी है।
गिरावट नहीं भारत में एंट्री का सही मौका
भारतीय शेयर बाजार में हालिया कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच Blackstone का भरोसा खास मायने रखता है। ग्रे ने माना कि महंगे क्रूड ऑयल, भू-राजनीतिक तनाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से IT कंपनियों के कारोबार पर पड़ने वाले संभावित असर ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है। लेकिन उनके मुताबिक, बाजार का नजरिया कई बार कुछ चुनिंदा चिंताओं पर टिक जाता है। इससे निवेशक एक साथ बिकवाली करने लगते हैं और बाजार में गिरावट बढ़ जाती है। उनका मानना है कि भारत की मध्यम और लंबी अवधि की संभावनाएं इन चिंताओं से कहीं ज्यादा मजबूत हैं।
इकोनॉमी की ग्रोथ बरकरार
ग्रे ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 7% से अधिक की दर से बढ़ रही है। युवा आबादी, बढ़ता मध्यम वर्ग और लोगों की आमदनी में संभावित बढ़ोतरी आने वाले वर्षों में खपत को नई ताकत दे सकती है। इसके अलावा, ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग में भारत की बड़ी भूमिका बनने की संभावना भी निवेश के अवसर पैदा करती है।
लिस्टिंग के लिए अमेरिका के बाद भारत सबसे आसान
Blackstone के लिए भारत की सबसे बड़ी खूबियों में से एक यहां के मजबूत कैपिटल मार्केट हैं। ग्रे के मुताबिक, पिछले 20 वर्षों में भारतीय शेयर बाजार का आकार करीब 5.5 गुना बढ़ा है। उन्होंने भारत को अमेरिका के बाद कंपनियों की लिस्टिंग के लिए सबसे आसान जगहों में से एक बताया।
विदेशी निवेशकों के लिए यह अहम है, क्योंकि प्राइवेट इक्विटी में पैसा लगाने के बाद किसी कंपनी को शेयर बाजार में लिस्ट कराना उनके निवेश से बाहर निकलने और अपने निवेशकों को रकम लौटाने का एक रास्ता बन सकता है।
किन सेक्टरों में पैसा लगा सकती है कंपनी?
Blackstone आने वाले वर्षों में भारत में कई क्षेत्रों में अवसर तलाश रही है। इनमें प्राइवेट इक्विटी, रियल एस्टेट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, क्रेडिट और ग्रोथ इक्विटी शामिल हैं।
- AI और डेटा सेंटर: डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, कंप्यूटिंग क्षमता और डेटा सेंटर की बढ़ती जरूरत।
- रिन्यूएबल एनर्जी: सौर ऊर्जा सहित ऊर्जा से जुड़े कारोबार।
- हाउसिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज: घर खरीदने के लिए फाइनेंस, वेल्थ मैनेजमेंट और बीमा।
- हेल्थकेयर और कंजम्पशन: बढ़ती आमदनी के साथ स्वास्थ्य सेवाओं और दूसरी उपभोक्ता सेवाओं की मांग।
- मैन्युफैक्चरिंग और ट्रैवल: उत्पादन क्षमता, होटल, पर्यटन और यात्रा संबंधी सेवाएं।
