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Bitcoin Crash Alert: क्रिप्टो मार्केट में हाहाकार से उड़ गई सबकी नींद! क्या अब कौड़ियों के भाव बिकेगा बिटकॉइन?

क्रिप्टो मार्केट में इस समय किसी बड़े तूफान से पहले वाली खामोशी नहीं, बल्कि एक भीषण हाहाकार मचा हुआ है। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी, बिटकॉइन (Bitcoin), अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 40% तक टूट चुका है, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये पल भर में स्वाहा हो गए हैं। बाजार में लिक्विडिटी का सूखा पड़ा है और नए निवेश के दरवाजे लगभग बंद नजर आ रहे हैं। ऐसे में आईये जानते हैं कि अगर यही हाल रहा तो बिटकॉइन क्या कौड़ियों के भाव बिकेगा?

Bitcoin Crash

Bitcoin Crash

दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन (Bitcoin), इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। पिछले कुछ हफ्तों में बिटकॉइन की कीमतों में जो गिरावट आई है, उसने निवेशकों की रातों की नींद उड़ा दी है। आंकड़ों पर गौर करें तो महज एक महीने में बिटकॉइन की वैल्यू 18% तक गिर चुकी है। इतना ही नहीं, अपने $1,26,198 के ऑल-टाइम हाई (All-time High) के स्तर से यह अब तक करीब 40% टूट चुका है। बाजार में लिक्विडिटी का सूखा पड़ा है और नए निवेश के दरवाजे लगभग बंद नजर आ रहे हैं।

ऐसे में बाजार के बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स अब ये चेतावनी दे रहे हैं कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो बिटकॉइन में 70% तक की ऐतिहासिक गिरावट आ सकती है। फिलहाल बाजार में 'बॉटम' यानी गिरावट का आखिरी स्तर अभी तक कन्फर्म नहीं हुआ है, जिसका मतलब है कि खतरा अभी टला नहीं है।

लिक्विडिटी का संकट और नया पैसा गायब

बिटकॉइन में आई इस गिरावट को केवल एक सामान्य उतार-चढ़ाव कहना गलत होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीधे तौर पर लिक्विडिटी (Liquidity) की कमी का नतीजा है। 'CryptoQuant' के सीईओ की यंग जू (Ki Young Ju) के अनुसार, बाजार में पुराने निवेशक तो अपना पैसा निकाल रहे हैं, लेकिन बाजार में नया पैसा (Fresh Capital) नहीं आ रहा है। किसी भी बुल मार्केट (Tezi) के लिए नए निवेश का आना बहुत जरूरी होता है, लेकिन फिलहाल निवेशक नई पूंजी लगाने से डर रहे हैं। तकनीकी रूप से जब मार्केट कैप गिर रहा हो और कैश फ्लो बंद हो जाए, तो समझ लेना चाहिए कि तेजी का दौर खत्म हो चुका है और बाजार एक लंबे 'साइडवेज फेज' या मंदी की ओर बढ़ रहा है।

बड़े खरीदारों का शांत होना खतरे की घंटी

पिछले एक साल से बिटकॉइन को ETF और माइक्रोस्ट्रेटजी (MicroStrategy) जैसी दिग्गज कंपनियों की खरीदारी ने सहारा दिया हुआ था। जब पुराने निवेशक अपना मुनाफा वसूल रहे थे (Profit Booking), तब ये बड़ी कंपनियां उस बिकवाली को खरीदकर बाजार को संतुलित कर रही थीं। इसी वजह से बिटकॉइन $1 लाख के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास टिका रहा। लेकिन अब खेल बदल गया है। वह भारी भरकम निवेश (Inflow) अब लगभग सूख चुका है। जब बड़े खरीदार शांत बैठ जाएं और आम रिटेल निवेशक डरे हुए हों, तो बाजार में लिक्विडिटी का संकट पैदा हो जाता है। यही वो स्थिति है जो कीमतों को तेजी से नीचे की ओर धकेलती है।

क्या $37,859 तक गिरेगा बिटकॉइन?

इतिहास गवाह है कि बिटकॉइन पहले भी कई बार 70% से ज्यादा क्रैश हुआ है। साल 2021-2022 के दौरान हमने देखा था कि कैसे बिटकॉइन $69,000 से गिरकर सीधा $15,500 पर आ गया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर माइक्रोस्ट्रेटजी जैसी कंपनियां, जो इस समय सबसे बड़ी बिटकॉइन होल्डर हैं, अपनी रणनीति बदल देती हैं और आक्रामक तरीके से बिटकॉइन बेचना शुरू कर देती हैं, तो बाजार को संभालना नामुमकिन होगा। यदि मौजूदा ऊंचे स्तरों से बिटकॉइन 70% गिरता है, तो इसकी कीमत $37,859 तक पहुंच सकती है। बिना किसी नए ट्रिगर या बड़े चमत्कार के, फिलहाल रिकवरी की उम्मीद काफी कम नजर आ रही है।

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रिचा त्रिपाठी
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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