Biometric Authentication And
जब सप्लाई चेन में सप्लायर्स द्वारा टैक्स का भुगतान न किया गया हो तो ऐसे में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का क्लेम करने के दायरे को सीमित करने के लिए जीएसटी रिटर्न फाइलिंग सिस्टम में कुछ और सख्त नियम लाने पर भी चर्चा चल रही है।
बायोमेट्रिक और जियोटैगिंग सिस्टम की होगी शुरुआत
सीबीआईसी प्रमुख विवेक जोहरी के हवाले से ईटी की रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर किसी कंपनी पर सिर्फ फर्जी तरीके से आईटीसी हासिल करने को लेकर संदेह होगा तो अथॉराइज्ड रेप्रेजेंटेटिव या निदेशकों या पार्टनर्स का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाएगा।
ये सिस्टम नए रजिस्ट्रेशन ऐप्लिकेशन और जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड मौजूदा बिजनेसों के लिए शुरू किया जाएगा।
जियो-टैगिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू
इसके अलावा सीबीआईसी सभी संस्थाओं की जियो-टैगिंग की भी योजना बना रहा है ताकि यह वेरिफाई किया जा सके कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन के दौरान दिया गया पता वही स्थान है जहां से कंपनी चलाई जा रही है।
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और जियो-टैगिंग पर एक पायलट प्रोजेक्ट पहले से ही कुछ राज्यों में चल रहा है, और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों के नतीजों और वैल्यूएशन के आधार पर, प्रोजेक्ट को पूरे भारत में लॉन्च किया जाएगा।
ओटीपी सिस्टम की जगह नई व्यवस्था
सीबीआईसी यह देखने की कोशिश कर रहा है कि सिस्टम को और कैसे मजबूत बनाया जा सकता है, क्योंकि पहले ओटीपी-आधारित ऑथेंटिकेशन का उपयोग किया जाता रहा है। पर अब, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की शुरुआत की तैयारी चल रही है। इसका मतलब यह होगा कि संदिग्ध मामलों में, लोगों को अपने बायोमेट्रिक्स वेरिफिकेशन के लिए आधार केंद्र पर जाने के लिए कहा जाएगा।
