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बिहार का मखाना, चावल, शहद, मक्का सब अद्भुत, ज्यादा पैसे देने वाली फसलों को देंगे बढ़ावा, बोले शिवराज सिंह चौहान

Indian Agriculture: पटना के कृषि भवन में किसानों के साथ परिचर्चा में भाग लेते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार और बिहार के किसानों की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के किसानों गजब का टैलेंट है। साथ ही उन्होंने कहा कि यहां का मखाना, चावल, शहद, मक्का सब अद्भुत है। हम ज्यादा पैसा देने वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए कोई कसर करेंगे।

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पटना में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि को बढ़ावा देने के लिए सबकुछ करेंगे।

Indian Agriculture: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के किसानों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैं बिहार के किसानों को प्रणाम करता हूं।आज हमने बिहार के कुछ किसानों से संवाद भी किया है और यहां की उपलब्धियों और यहां की समस्याओं पर चर्चा भी की है। मुझे खुशी है कि कई क्षेत्रों में बिहार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। बिहार का मखाना अपने आप में पोषण का भंडार है और हमारे किसान मेहनत करके मखाने का उत्पादन बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 65 प्रजातियों के 109 बीज की नई किस्में जारी की हैं।

बिहार के किसान कर रहे हैं चमत्कार

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि यहां का मखाना, चावल, शहद, मक्का सब अद्भुत है। उन्होंने कहा कि बड़े जमीन के टुकड़े हमारे पास नहीं हैं, 91 प्रतिशत सीमांत किसान हैं, लेकिन फिर भी किसान चमत्कार कर रहे हैं। खेती से आय दोगुनी करने का अभियान प्रधानमंत्री मोदी जी ने शुरू किया है।

दुनिया में धूम मचा रहा है मखाना

कृषि मंत्री ने मखाने की चर्चा करते हुए कहा कि यहां का मखाना धूम मचा रहा है। मखाना एक्सपोर्ट क्वालिटी का पैदा हो रहा है। चीजें एक्सपोर्ट होती हैं तो किसान को ज्यादा फायदा होता है। इससे जुड़ा कार्यालय बिहार में आये, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।

अच्छे उत्पादन के लिए अच्छे बीज जरूरी

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 6 सूत्रों की चर्चा करते हुए कहा कि इसी पर सरकार काम कर रही है। अच्छे उत्पादन के लिए अच्छे बीज जरूरी हैं। उत्पादन अच्छा है लेकिन और संभावना है। फल, सब्जी, अनाज, दलहन, तिलहन के अच्छे बीज जरूरी हैं।

65 फसलों की 109 प्रजातियों किसानों को समर्पित

कृषि मंत्री ने कहा कि मुझे खुशी है कि 65 फसलों की 109 प्रजातियों के बीज प्रधानमंत्री जी ने किसानों को समर्पित किये हैं। ऐसी धान की किस्म है, जिसमें 30 प्रतिशत कम पानी लगता है। बाजरे की एक किस्म है जिसकी फसल 70 दिन में आ जाती है। ऐसे बीज हैं जो जलवायु परिवर्तन के अनुकूल हैं। बढ़ते तापमान में भी अच्छा उत्पादन देते हैं।

उत्पादन की लागत घटाना हमारा संकल्प

कृषि मंत्री ने कहा कि उत्पादन की लागत घटाना हमारा संकल्प है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से किसानों को बहुत मदद मिलती है। केसीसी से खाद के लिए सस्ता लोन मिल जाता है। उत्पादन के ठीक दाम मिले, इसका प्रयास भी जारी है।

ज्यादा पैसे देने वाली फसलों पर देंगे ध्यान

कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि का विविधीकरण सरकार के रोडमैप में है। परंपरागत फसलों के साथ ही ज्यादा पैसे देने वाली फसलों को बढ़ावा देने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इससे उर्वरक क्षमता भी कम होती है और जो उत्पादन होता है, उनका शरीर पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है।

बिहार का टैलेंट दुनिया में अद्भुत

कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार का टैलेंट दुनिया में अद्भुत है। इस टैलेंट का ठीक से उपयोग कर न केवल बिहार भारत का सिरमौर बन सकता है बल्कि इसका उपयोग कर भारत को दुनिया का सिरमौर भी बना सकता है।

किसानों की सेवा ही भगवान की पूजा

पटना के कृषि भवन में किसानों के साथ परिचर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा। प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने मुझे किसानों की सेवा का काम मुझे दिया है। किसानों की सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है। किसानों को भरोसा देते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि हम देश के किसानों का कल्याण कर सकें।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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