Unified Pension Scheme : सरकार ने उन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बार का विकल्प बढ़ाया है, जो 1 अप्रैल 2025 से 31 अगस्त 2025 के बीच सेवा में शामिल हुए हैं और जिन्होंने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को चुना था। अब वे यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में माइग्रेट कर सकते हैं।
ऑप्शन की आखिरी तारीख
यह विकल्प 30 सितंबर 2025 तक स्वीकार किया जा सकता है, जो UPS के लिए पहले से तय की गई कट-ऑफ तारीख के अनुरूप है।
इस पहल का उद्देश्य
इस पहल का उद्देश्य केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा की प्लानिंग बनाने में बेहतर विकल्प लेने का मौका देना है।
UPS का चयन और वापसी का विकल्प
UPS चुनने वाले कर्मचारी बाद में अपनी पसंद बदलकर फिर से NPS में वापस जा सकते हैं।
UPS क्या है?
1 अप्रैल 2025 से UPS, NPS के तहत एक नया विकल्प के रूप में शुरू किया गया है, जो केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को सुनिश्चित पेंशन भुगतान प्रदान करेगा।
UPS किसके लिए लागू
यह UPS उन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू है जो NPS के तहत हैं और 1 जनवरी 2004 से प्रभावी NPS विकल्प के तहत UPS चुनते हैं। इस विकल्प का लाभ करीब 23 लाख सरकारी कर्मचारी उठा सकते हैं।
यूनियन कैबिनेट की मंजूरी
24 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में UPS को मंजूरी दी गई थी।
पुरानी पेंशन योजना और UPS में अंतर
पुरानी पेंशन योजना (ओल्ड पेंशन स्कीम यानी OPS) जनवरी 2004 में समाप्त हुई थी, जिसमें कर्मचारियों को उनकी आखिरी वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलता था। UPS योगदान आधारित स्कीम है, जहां कर्मचारी अपनी मूल वेतन और महंगाई भत्ता का 10% योगदान देंगे, जबकि नियोक्ता (केंद्र सरकार) 18.5% योगदान देगा।
पेंशन राशि की गणना
UPS के अंतर्गत भुगतान राशि बाजार के रिटर्न पर निर्भर करेगी, जो मुख्य रूप से सरकारी लोन में निवेशित होती है।
