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BharatPe ने अशनीर ग्रोवर से मांगा 88 करोड़ का हर्जाना, हो सकती है 10 साल की जेल

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 9, 2022, 12:36 PM IST

चर्चित शार्क अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover), उनकी पत्नी माधुरी जैन (Madhuri Jain) उनके पिता और भाई सहित एक अन्य रिश्तेदार के साथ मुसीबत में फंस गए हैं।

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BharatPe ने अशनीर ग्रोवर से मांगा 88 करोड़ का हर्जाना, हो सकती है 10 साल की जेल

Photo : BCCL

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने भारतपे (BharatPe) के पूर्व प्रबंध निदेशक अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) और उनकी पत्नी माधुरी जैन (Madhuri Jain) को समन जारी किया है। भारतपे ने दोनों पर कंपनी के फंड में हेराफेरी करने का आरोप लगाया है। कंपनी ने धोखाधड़ी और हेराफेरी की क्षतिपूर्ति के तौर पर उनसे 88.67 करोड़ रुपये मांगे हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अगर वे इस मामले के दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 10 साल की सजा भी हो सकती है। आइए इस मामले के बारे में विस्तार से जानते हैं।

कंपनी ने लगाया फर्जी बिल का आरोप

दरअसल ये समन भारतपे की उस याचिका पर जारी किए गए हैं जिनमें ग्रोवर और उनकी पत्नी को कंपनी के खिलाफ मानहानि करने वाले बयान देने से रोकने का आग्रह किया गया है। कंपनी ने ग्रोवर दंपती के खिलाफ न्यायालय से आपराधिक शिकायत करते हुए कहा है कि ग्रोवर, उनकी पत्नी तथा अन्य परिजनों ने फर्जी बिल बनाए, कंपनी को सेवा देने वाले काल्पनिक विक्रेता बनाए और नियुक्ति के लिए कंपनी से ज्यादा पैसा वसूला।

ग्रोवर के पिता, भाई पर भी दर्ज हुआ मामला

उच्च न्यायालय ने इस दीवानी मामले और आपराधिक शिकायत पर ग्रोवर, उनकी पत्नी माधुरी जैन और तीन अन्य संबंधियों को समन जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब देने को कहा। इस मामले की अगली सुनवाई नौ जनवरी, 2023 को होगी। जिन लोगों को समन जारी किए गए हैं उनमें ग्रोवर के पिता, भाई और एक रिश्तेदार भी शामिल हैं।

क्या है पूरा मामला?

भारतपे ने अपनी याचिका में मांग की है कि कोष में कथित हेराफेरी की वसूली और इसके ब्याज समेत कंपनी की प्रतिष्ठा को पहुंचे नुकसान के एवज में ग्रोवर, जैन तथा तीन अन्य को ब्याज समेत 88.67 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने का निर्देश दिया जाए। कंपनी ने प्रतिवादियों को उनकी संपत्तियों का खुलासा करने का निर्देश देने का भी आग्रह किया है। ग्रोवर ने गत मार्च में शीर्ष प्रबंधन के साथ विवाद होने पर कंपनी से इस्तीफा दे दिया था जबकि उनकी पत्नी को पद से हटा दिया गया था।

भारतपे की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सुनवाई के दौरान कहा कि ग्रोवर, जैन तथा उनके अन्य संबंधी कंपनी के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने अदालत को वे ट्वीट भी दिखाए जो प्रतिवादियों ने कंपनी से अलग होने के बाद किए हैं। कंपनी के एक प्रवक्ता ने इस बारे में कहा, ‘‘भारतपे ने पूर्व सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक अशनीर ग्रोवर, पूर्व नियंत्रण प्रमुख माधुरी जैन ग्रोवर तथा उनके परिजनों के खिलाफ दीवानी एवं फौजदारी कार्रवाई शुरू की है।’’

कंपनी ने ग्रोवर और उनके परिवार के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा में आपराधिक शिकायत दर्ज करवाई है। वहीं, दीवानी मामले में कंपनी ने कोष में हेराफेरी के एवज में 83 करोड़ रुपये की और ग्रोवर के सार्वजनिक बयानों से हुई मानहानि के लिए पांच करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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