Semiconductor Manufacturing: अमेरिका की चिप बनाने वाली कंपनी क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज और टाटा समूह की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने शुक्रवार को एक अहम समझौते की घोषणा की। इस समझौते के तहत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स असम के जागीरोड में क्वालकॉम के ऑटोमोटिव मॉड्यूल का निर्माण करेगी। दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि यह साझेदारी भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण मानचित्र पर मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सहयोग के जरिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स अब क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज के वैश्विक मॉड्यूल निर्माण साझेदार नेटवर्क का हिस्सा बन गई है। इस नेटवर्क का उद्देश्य दुनिया भर में बढ़ती ‘मॉड्यूलर ऑटोमोटिव प्लेटफॉर्म’ की मांग को पूरा करना है। आसान शब्दों में कहें तो अब भारत में बने उत्पाद वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियों तक पहुंचेंगे।
असम के जागीरोड में होगा निर्माण
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक कंपनियों के अनुसार, ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज अपने ऑटोमोटिव मॉड्यूल उत्पादों का निर्माण भारत में करेगी। यह उत्पादन असम के जागीरोड में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आने वाली सेमीकंडक्टर असेम्बली और परीक्षण (टेस्टिंग) यूनिट में किया जाएगा। इस फैसले से न केवल असम में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सेमीकंडक्टर क्षेत्र को भविष्य की तकनीक की रीढ़ माना जाता है, ऐसे में यह परियोजना राज्य और देश दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में नई रणनीति
क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज के ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल एवं एम्बेडेड आईओटी और रोबोटिक्स समूह के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं महाप्रबंधक नकुल दुग्गल ने कहा कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ यह साझेदारी कंपनी की ऑटोमोबाइल विकास रणनीति में एक अहम उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि उद्योग तेजी से मॉड्यूल-आधारित ढांचे की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में अलग-अलग क्षेत्रों में निर्माण क्षमता बढ़ाना जरूरी हो गया है। क्वालकॉम इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सावी सोइन ने भी इस सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, भारत में निर्माण होने से भारतीय और वैश्विक ओईएम (मूल उपकरण निर्माता) कंपनियों को मजबूती मिलेगी। साथ ही आपूर्ति श्रृंखला को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की वैश्विक भूमिका मजबूत
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ और प्रबंध निदेशक रंधीर ठाकुर ने कहा कि यह साझेदारी उनकी कंपनी को वैश्विक स्तर पर हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि कंपनी अपने ‘इंटीग्रेटेड सिस्टम्स पैकेजिंग’ (आईएसपी) समाधानों के जरिए क्वालकॉम को उच्च गुणवत्ता और बेहतर प्रदर्शन वाले उत्पाद उपलब्ध कराएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता भारत में उन्नत तकनीक के विकास और उत्पादन को बढ़ावा देगा। इससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग को नई दिशा मिलेगी।
किन तकनीकों का होगा उत्पादन
संयुक्त बयान के मुताबिक, इस सहयोग का मकसद डिजिटल कॉकपिट, इंफोटेनमेंट, कनेक्टिविटी और इंटेलिजेंट व्हीकल सिस्टम जैसी आधुनिक ऑटोमोटिव तकनीकों के लिए जरूरी मॉड्यूल का स्थानीय स्तर पर निर्माण करना है। आज के समय में कारें सिर्फ वाहन नहीं रह गई हैं, बल्कि वे स्मार्ट डिवाइस की तरह काम कर रही हैं। ऐसे में इन तकनीकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत में उत्पादन होने से न केवल घरेलू वाहन निर्माताओं को फायदा होगा, बल्कि वैश्विक कंपनियां भी यहां से आपूर्ति प्राप्त कर सकेंगी। इससे आपूर्ति श्रृंखला में विविधता आएगी और किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम होगी।
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बल
यह समझौता केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने की नीति के अनुरूप है। भारत सरकार लंबे समय से देश में चिप निर्माण को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि आयात पर निर्भरता कम की जा सके। क्वालकॉम और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की यह साझेदारी उसी दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। कुल मिलाकर, यह समझौता भारत को ऑटोमोटिव तकनीक और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है। असम के जागीरोड से शुरू होने वाली यह पहल आने वाले समय में भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर और मजबूत बना सकती है।
