After Gold-Silver, Bitcoin also Crash: बजट 2026 के पेश होने से ठीक पहले निवेश बाजार में खलबली मची हुई है। परंपरागत निवेश के सेफ हेवन माने जाने वाले सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के बाद अब डिजिटल गोल्ड यानी क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी जबरदस्त भूकंप आया है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) के दाम ताश के पत्तों की तरह ढह गए हैं, जिससे नए जमाने के निवेशकों (New Age Investors) के अरबों रुपये स्वाहा हो गए हैं। इस गिरावट ने न केवल बिटकॉइन बल्कि पूरी क्रिप्टो मार्केट को हिला कर रख दिया है।
24 घंटे में 15 लाख करोड़ डूबे
पिछले 24 घंटों में ग्लोबल क्रिप्टोकरेंसी मार्केट कैप में 5 प्रतिशत से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, इस क्रैश की वजह से निवेशकों के करीब 15.62 लाख करोड़ रुपये ($16000000000000) डूब गए हैं। बाजार में मची इस भगदड़ का सबसे ज्यादा असर बड़े कॉइन्स पर पड़ा है। बिटकॉइन और इथेरियम जैसे दिग्गज कॉइन 6 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं। ग्लोबल मार्केट कैप जो कभी ऊंचाइयों पर था, अब गिरकर 2.82 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच गया है।
अब क्या है बिटकॉइन की कीमत?
बिटकॉइन (Bitcoin) की कीमत में भारी गिरावट देखी जा रही है। वर्तमान में एक बिटकॉइन की कीमत $78,922.21 पर आ गई है, जो पिछले 24 घंटों में 5.88% की बड़ी गिरावट को दर्शाती है। चार्ट को देखने से पता चलता है कि यह $84,000 के स्तर से फिसलकर नीचे आया है। बाजार में मची इस उथल-पुथल के कारण बिटकॉइन का कुल मार्केट कैप भी गिरकर $1.57 ट्रिलियन रह गया है। हालांकि, गिरती कीमतों के बीच ट्रेडिंग वॉल्यूम में 29.67% का उछाल आया है, जिसका मतलब है कि इस गिरावट के दौरान बहुत ज्यादा खरीदारी और बिकवाली हो रही है।
पिछले एक हफ्ते में ही इसमें भारी गिरावट देखने को मिली है। भारतीय रुपयों में बात करें तो एक कॉइन की कीमत में लाखों रुपयों की कमी आई है। वहीं, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी करेंसी इथेरियम (Ethereum) भी गिरकर $2740 के स्तर पर आ गई है।
एक महीने में इतनी आई गिरावट
पिछले एक महीने में बिटकॉइन (Bitcoin) में भारी गिरावट आई है। कॉइन मार्केट कैप पर एक महीने के चार्ट के अनुसार, बिटकॉइन अपनी पिछली ऊंचाइयों से 10.86% तक टूट चुका है। आंकड़े बताते हैं कि 7 अक्टूबर 2025 को बिटकॉइन ने $126,198 (करीब 1.06 करोड़ रुपये) का अपना ऑल-टाइम हाई बनाया था, जिससे तुलना करें तो यह अब 37.47% नीचे गिर चुका है। चार्ट में स्पष्ट दिख रहा है कि जनवरी के अंत तक यह $95,000 के ऊपर ट्रेड कर रहा था, लेकिन अचानक आई बिकवाली ने इसे $78,912 के स्तर पर ला खड़ा किया है। यह गिरावट दर्शाती है कि बजट से पहले निवेशकों ने बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग की है, जिससे बाजार का सेंटीमेंट पूरी तरह बदल गया है।
क्यों आई यह गिरावट? निवेशकों में 'डर' का माहौल
क्रिप्टो बाजार में इस क्रैश की टाइमिंग बहुत महत्वपूर्ण है। भारत में बजट 2026 पेश होने वाला है और निवेशकों को डर है कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स नियमों को और सख्त कर सकती है। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता और निवेशकों के बीच बढ़ते 'फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स' (Fear and Greed Index) ने आग में घी का काम किया है। यह इंडेक्स 38 से गिरकर 28 पर आ गया है, जो बाजार में मौजूद भारी डर को दर्शाता है। लोग अब नया निवेश करने के बजाय अपनी निकासी (Withdrawal) पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
सिर्फ बिटकॉइन ही नहीं, अन्य करेंसी भी धराशाई
इस क्रैश की मार केवल बिटकॉइन तक सीमित नहीं रही। बाजार के अन्य बड़े खिलाड़ी जैसे बाइनेंस (Binance), सोलाना (Solana) और रिपल (XRP) में भी 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई है। हालांकि, इस मंदी के दौर में 'केंटन' (Canton) जैसे कुछ छोटे कॉइन्स ने विपरीत दिशा में चलते हुए हल्की बढ़त दिखाई है, लेकिन बड़े निवेशकों के लिए यह राहत की बात नहीं है।
