कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्यों के लिए अपने पीएफ (PF) खाते के नियमों को समझना बेहद जरूरी है, खासकर तब जब बात रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने के बाद पूरा पैसा निकालने की हो। नौकरीपेशा लोगों के बीच अक्सर यह उलझन रहती है कि पीएफ का पूरा पैसा कब और किस उम्र में निकाला जा सकता है। क्या नौकरी छोड़ने के तुरंत बाद पूरा फंड निकाला जा सकता है, या फिर इसके लिए 55 साल की उम्र का इंतजार करना जरूरी है? ईपीएफओ ने इन सभी सवालों को लेकर स्थिति साफ की है और बताया है कि 55 साल की उम्र से पहले और 55 साल की उम्र के बाद पीएफ विथड्रॉल (Withdrawal) के नियम किस तरह बदल जाते हैं।
कब निकाल सकते हैं पूरा पैसा?
ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, कोई भी सदस्य अपनी नौकरी के दौरान पीएफ का पूरा पैसा नहीं निकाल सकता। नौकरी में रहते हुए सिर्फ आपातकालीन स्थितियों (जैसे बीमारी, शादी, घर का निर्माण या बच्चों की पढ़ाई) के लिए ही पीएफ फंड से एडवांस या आंशिक (Partial) निकासी की अनुमति होती है। अगर कोई व्यक्ति रिटायरमेंट से पहले यानी अपनी सर्विस के दौरान ही पूरा पैसा निकालना चाहता है, तो इसके लिए उसका कम से कम दो महीने तक बेरोजगार होना अनिवार्य है। यानी नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद ही कोई सदस्य फॉर्म 19 भरकर अपने पीएफ का पूरा पैसा (एम्प्लोयी और एम्प्लॉयर दोनों का हिस्सा) निकाल सकता है।
55 साल के पहले या बाद में कब निकाल सकते है पैसा?
अब बात करते हैं सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव यानी 55 साल की उम्र की। ईपीएफओ के नियमों के तहत, 55 साल की उम्र को पीएफ खाते के लिए 'रिटायरमेंट की आधिकारिक उम्र' माना जाता है। अगर कोई सदस्य 55 साल की उम्र पूरी करने के बाद नौकरी से रिटायर होता है, तो वह बिना किसी पाबंदी के अपने पीएफ खाते का पूरा पैसा एकमुश्त निकाल सकता है। लेकिन असली पेंच इसके बाद शुरू होता है। यदि कोई व्यक्ति 55 साल की उम्र के बाद रिटायर हो जाता है और अपना पीएफ का पैसा खाते से नहीं निकालता है, तो उसका खाता अगले 3 साल (36 महीने) तक ही सक्रिय रहता है और उस पर ब्याज मिलता रहता है।
यदि 55 साल की उम्र के बाद रिटायर होने पर भी कोई सदस्य अगले 3 साल तक अपना पैसा नहीं निकालता, तो 36 महीने पूरे होते ही उसका पीएफ खाता 'इनऑपरेटिव' (Inoperative) यानी निष्क्रिय घोषित कर दिया जाता है। एक बार खाता इनऑपरेटिव होने के बाद उस पर सरकार की तरफ से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से बंद हो जाता है। इसके विपरीत, अगर कोई व्यक्ति 55 साल की उम्र से पहले (मान लीजिए 45 या 50 साल की उम्र में) नौकरी छोड़ देता है और उसका खाता निष्क्रिय पड़ा रहता है, तो नियमों के मुताबिक उस खाते पर 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहता है, बशर्ते वह खाता पूरी तरह बंद न किया गया हो।
