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Reliance Home Finance: रिलायंस होम फाइनेंस के खिलाफ दिवालिया याचिका दाखिल, कभी अनिल अंबानी के पास था मालिकाना हक

Reliance Home Finance Insolvency: रिलायंस होम फाइनेंस, जो कभी अनिल अंबानी की कंपनी हुआ करती थी, के खिलाफ एक वित्तीय लेनदार, इनवेंट एसेट्स सिक्यूरिटाइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 की धारा 7 के तहत दिवालिया याचिका दायर की है।

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रिलायंस होम फाइनेंस के खिलाफ याचिका दाखिल

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • रिलायंस होम फाइनेंस के खिलाफ याचिका दाखिल
  • दिवालिया याचिका की गयी दाखिल
  • अनिल अंबानी की हुआ करती थी कंपनी

Reliance Home Finance Insolvency: रिलायंस होम फाइनेंस, जो कभी अनिल अंबानी की कंपनी हुआ करती थी, के खिलाफ एक वित्तीय लेनदार, इनवेंट एसेट्स सिक्यूरिटाइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 की धारा 7 के तहत दिवालिया याचिका दायर की है। ये याचिका राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT), मुंबई पीठ के सामने दायर की गई है। याचिका में क्लेम अमाउंट 7.80 करोड़ रुपये (ब्याज समेत) है। रिलायंस होम फाइनेंस इस मामले में अपने हितों की रक्षा के लिए कानूनी सलाह लेने और उचित कदम उठाने की योजना बना रही है।

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रिलायंस होम फाइनेंस ने किया बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट

रिलायंस होम फाइनेंस पर इस याचिका का वित्तीय प्रभाव क्या पड़ेगा, इस बारे में अभी कुछ तय नहीं है। ये कार्यवाही के अंतिम फैसले और उसके बाद की किसी भी कानूनी चुनौती पर निर्भर करेगा। गौरतलब है कि कंपनी ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) को अपना बिजनेस ट्रांसफर करने के लिए 29 मार्च, 2023 को एक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट (BTA) किया था।

RCFL ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की 100% सब्सिडियरी कंपनी है। कंपनी ने अपनी हाउसिंग फाइनेंस एक्टिविटी बंद कर दी है और अपना लाइसेंस/प्रमाणपत्र सरेंडर कर दिया है, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक ने 25 जनवरी, 2024 मंजूरी कर दिया।

अनिल अंबानी की कई कंपनियों पर मुसीबत

अनिल अंबानी की कई कम्पनियाँ या तो पहले ही रेजोल्यूशन प्रोसेस से गुजर चुकी हैं या कॉरपोरेट दिवालिया रेजोल्यूशन प्रोसेस से गुजर रही हैं। इनमें सबसे बड़ी कम्पनियाँ हैं रिलायंस कैपिटल और रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस कम्युनिकेशंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड।

लिस्ट में रिलायंस कम्युनिकेशंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड भी शामिल हैं।

बिगड़ते गए अनिल अंबानी के हालात

सन 2000 के दशक के मध्य में, अनिल अंबानी एक बड़े कारोबारी साम्राज्य के टॉप पर खड़े थे। उन्हें अपने पिता धीरूभाई अंबानी के रिलायंस एम्पायर का एक हिस्सा विरासत में मिला था। लेकिन 2020 के दशक तक, यह साम्राज्य भारी कर्ज, कानूनी लड़ाइयों और बाजार में बदलाव के कारण ढहने लगा।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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