Bank News : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank) के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए उसके यूनिवर्सल बैंक बनने के आवेदन को फिलहाल खारिज कर दिया है। बैंक ने सोमवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि आरबीआई ने उसके आवेदन को वापस कर दिया है और भविष्य में दोबारा आवेदन करने की सलाह दी है। यह खबर बैंक के लिए एक झटका मानी जा रही है, क्योंकि वह अपने कारोबार का विस्तार कर एक पूर्ण (यूनिवर्सल) बैंक बनना चाहता था।
क्यों खारिज हुआ आवेदन?
उज्जीवन एसएफबी के मुताबिक, आरबीआई ने बैंक के कामकाज और खासतौर पर उसके लोन (कर्ज) पोर्टफोलियो का आकलन किया। बैंक ने हाल के समय में अपने लोन पोर्टफोलियो को बेहतर और विविध (डाइवर्सिफाइड) बनाने की दिशा में कुछ कदम उठाए थे, जिसे आरबीआई ने नोटिस भी किया। हालांकि, केंद्रीय बैंक का मानना है कि अभी इस क्षेत्र में और सुधार की जरूरत है। सरल शब्दों में कहें तो, बैंक अलग-अलग सेक्टर और ग्राहकों को पर्याप्त संतुलन के साथ कर्ज नहीं दे पा रहा है। आरबीआई चाहता है कि बैंक का लोन पोर्टफोलियो ज्यादा मजबूत और संतुलित हो, ताकि जोखिम कम रहे और बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित बना रहे।
आरबीआई की सलाह क्या है?
आरबीआई ने साफ तौर पर कहा है कि उज्जीवन एसएफबी भविष्य में फिर से आवेदन कर सकता है, लेकिन उससे पहले उसे अपने कर्ज पोर्टफोलियो को और बेहतर तरीके से विविध बनाना होगा। यानी बैंक को यह दिखाना होगा कि वह अलग-अलग तरह के ग्राहकों जैसे रिटेल, छोटे व्यवसाय, मध्यम उद्योग आदि को संतुलित तरीके से लोन दे रहा है। बैंक ने अपने बयान में कहा कि आरबीआई को लगता है कि सुधार की अभी भी गुंजाइश है। इसलिए, आवेदन को फिलहाल वापस कर दिया गया है और आगे बेहतर तैयारी के साथ फिर से कोशिश करने की सलाह दी गई है।
कब किया था आवेदन?
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने फरवरी 2025 में यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आरबीआई के पास आवेदन किया था। यूनिवर्सल बैंक बनने का मतलब होता है कि बैंक को सभी तरह की बैंकिंग सेवाएं देने की पूरी आजादी मिल जाती है। जैसे बड़े कॉरपोरेट लोन, निवेश सेवाएं, और अन्य वित्तीय प्रोडक्ट्स। अभी स्मॉल फाइनेंस बैंक के रूप में उज्जीवन मुख्य रूप से छोटे ग्राहकों, माइक्रोफाइनेंस और सीमित बैंकिंग सेवाओं पर ध्यान देता है। यूनिवर्सल बैंक बनने से उसके बिजनेस का दायरा काफी बढ़ सकता था।
आगे की राह क्या होगी?
इस फैसले के बाद उज्जीवन एसएफबी को अब अपनी रणनीति पर फिर से काम करना होगा। उसे अपने लोन पोर्टफोलियो को ज्यादा संतुलित और सुरक्षित बनाना होगा, ताकि भविष्य में वह आरबीआई की सभी शर्तों को पूरा कर सके। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला बैंक के लिए एक मौका भी है। अगर वह अपने सिस्टम और लेंडिंग मॉडल को मजबूत कर लेता है, तो अगली बार उसके आवेदन को मंजूरी मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
आरबीआई का यह कदम बैंकिंग सिस्टम को सुरक्षित और स्थिर बनाए रखने की दिशा में उठाया गया है। उज्जीवन एसएफबी के लिए यह जरूर एक झटका है, लेकिन साथ ही यह एक संकेत भी है कि उसे अपने कामकाज में और सुधार करना होगा। अगर बैंक आरबीआई की अपेक्षाओं पर खरा उतरता है, तो भविष्य में यूनिवर्सल बैंक बनने का उसका सपना पूरा हो सकता है।
