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बाबा रामदेव का दावा - 'पतंजलि को बदनाम करने की चल रही साजिश', सुप्रीम कोर्ट के भ्रामक विज्ञापनों पर आदेश के बाद आया बयान

Supreme Court Warns Patanjali: यह दावा करते हुए कि कुछ डॉक्टरों ने योग और आयुर्वेद के खिलाफ लगातार प्रचार करने के लिए एक ग्रुप बनाया है, रामदेव ने कहा कि अगर हम झूठे हैं, तो हम पर 1000 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाएं, और हम मौत की सजा के लिए भी तैयार हैं।

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रामदेव का दावा पतंजलि को बदनाम करने की साजिश

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • रामदेव बोले कि पतंजलि को बदनाम करने की साजिश
  • बोले - 'हम झूठे हैं तो मौत की सजा भी मंजूर'
  • SC ने दी थी विज्ञापनों में "भ्रामक" दावे करने पर चेतावनी

Supreme Court Warns Patanjali: सुप्रीम कोर्ट द्वारा पतंजलि आयुर्वेद को अपनी दवाओं के विज्ञापनों में "भ्रामक" दावे करने के खिलाफ चेतावनी देने के बाद, कंपनी के को-फाउंडर योग गुरु स्वामी रामदेव ने बुधवार को कहा कि यह उनकी कंपनी को बदनाम करने के लिए एक एजेंडा है।

स्वामी रामदेव ने कहा है कि कल से अलग-अलग मीडिया साइट्स पर एक खबर वायरल हो रही है कि सुप्रीम कोर्ट (SC) ने पतंजलि को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि SC ने कहा कि अगर आप गलत प्रचार करेंगे तो आप पर जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं। लेकिन हम कोई गलत प्रचार नहीं कर रहे हैं।

फांसी की सजा भी मंजूर

यह दावा करते हुए कि कुछ डॉक्टरों ने योग और आयुर्वेद के खिलाफ लगातार प्रचार करने के लिए एक ग्रुप बनाया है, रामदेव ने कहा कि अगर हम झूठे हैं, तो हम पर 1000 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाएं, और हम मौत की सजा के लिए भी तैयार हैं। लेकिन अगर हम झूठे नहीं हैं तो फिर उन लोगों को दंडित करें जो वास्तव में गलत प्रचार फैला रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों के खिलाफ विज्ञापन में भ्रामक (False & Misleading) दावे करने को लेकर, पतंजलि को चेतावनी दी। साथ ही ऐसे सभी झूठे और भ्रामक विज्ञापनों को तुरंत रोकने का निर्देश किया।

कोर्ट ने कहा कि किसी भी उल्लंघन को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ एक याचिका दायर की थी। जिस पर मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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