शुक्रवार को शेयर बाजार खुलते ही एक्सिस बैंक के निवेशकों को जोर का झटका लगा। देश के निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक का शेयर एक झटके में करीब 4% से ज्यादा टूट गया। गिरावट की यह वजह तिमाही नतीजों में दिखी कमजोरी रही, जिससे बाजार की उम्मीदों को करारा झटका लगा है।
गुरुवार को बैंक ने अप्रैल-जून तिमाही (Q1 FY26) के अपने वित्तीय नतीजे जारी किए। नतीजों के मुताबिक, एक्सिस बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर करीब 4 प्रतिशत गिरकर ₹5,806 करोड़ रह गया। यह गिरावट ऐसे समय में देखने को मिली है जब बाजार को बैंक से स्थिर या बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। मुनाफे में आई यह कमी बैंक की बैलेंस शीट में बढ़ती चूक और प्रावधानों की वजह से दर्ज की गई।
क्या है शेयर के गिरने का कारण?
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक बैंक ने खुद बताया कि इस तिमाही में उसके द्वारा कर्ज की पहचान और वर्गीकरण की नीति में तकनीकी बदलाव किया गया है। इसके तहत कई खातों को कैश क्रेडिट, ओवरड्राफ्ट और एकमुश्त निपटान (OTS) के रूप में पुनः वर्गीकृत किया गया, जिससे डिफॉल्ट यानी चूक की पहचान पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी तरीके से हुई। इसी वजह से तिमाही के दौरान चूक वाले खातों की संख्या बढ़ गई और उसका सीधा असर प्रावधानों और आकस्मिक व्यय पर पड़ा।
बैंक ने इस तिमाही में ₹8,200 करोड़ की नई चूक दर्ज की है, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही और पिछली तिमाही दोनों की तुलना में 71 प्रतिशत ज्यादा है। नतीजतन, बैंक का कुल ऋण हानि प्रावधान ₹3,900 करोड़ तक पहुंच गया, जो तिमाही दर तिमाही 2.85 गुना और सालाना आधार पर 1.52 गुना अधिक है। इन आंकड़ों ने बैंक के मुनाफे पर दबाव बना दिया और निवेशकों की धारणा पर असर डाला। बैंक की परिसंपत्ति की गुणवत्ता में गिरावट देखी गई। उसकी सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) चालू वित्त वर्ष (2025-26) की जून तिमाही के अंत में बढ़कर कुल ऋण का 1.57 प्रतिशत हो गईं, जो एक साल पहले 1.54 प्रतिशत थीं। इसी प्रकार, शुद्ध एनपीए भी बढ़कर 0.45 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 0.34 प्रतिशत था।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक का प्रावधान और आकस्मिक खर्च बढ़कर 3,948 करोड़ रुपये हो गया, जो एक वर्ष पूर्व इसी तिमाही में 2,039 करोड़ रुपये था। बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीएआर) बढ़कर 16.85 प्रतिशत हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 16.65 प्रतिशत था।
शेयर का हाल
गुरुवार को एक्सिस बैंक का शेयर ₹1,160 पर बंद हुआ था, लेकिन शुक्रवार को खुलते ही भारी दबाव में आ गया और इसमें 4% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। कमजोर नतीजे, बढ़ी हुई चूक, और ऊंचे प्रावधान इन सभी कारणों ने मिलकर एक्सिस बैंक के शेयर को दबाव में ला दिया है।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
