Kushinagar:'इंटरनेशनल एयरपोर्ट' से कुशीनगर में 'पर्यटन' को लगेंगे पंख,अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध भी होंगे प्रगाढ़

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 9, 2021, 07:23 PM IST

यूपी सीएम योगी के अनुरोध पर ही कुशीनगर एयरपोर्ट को वर्ष 2020 में केंद्रीय कैबिनेट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की उड़ान सेवाओं के लिए मान्यता दी थी। अब इस हवाई अड्डे के 3.2 किमी लंबे रनवे से पहली उड़ान (लैंडिंग व टेकऑफ) भी अंतरराष्ट्रीय होगी।

Kushinagar:'इंटरनेशनल एयरपोर्ट' से कुशीनगर में 'पर्यटन' को लगेंगे पंख,अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध भी होंगे प्रगाढ़

गोरखपुर: भगवान बुद्ध (Lord Buddha) की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर (Kushinagar) की डायरेक्ट इंटरनेशनल कनेक्टिविटी (International Connectivity) होने जा रही है। इसके साथ ही यहां विकास को नई रफ्तार मिलेगी तो पर्यटन क्षेत्र को भी पंख लग जाएंगे। विदेशी पर्यटकों को सीधी उड़ान की सुविधा मिलने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक संबंध भी और मजबूत होंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के प्रयासों से यह सब संभव होगा 20 अक्टूबर से, जब यूपी के तीसरे क्रियाशील कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) करेंगे।

20 अक्टूबर को श्रीलंका के राष्ट्रपति का विमान 125 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ लैंड करेगा। उनके साथ कई बौद्ध भिक्षु भी रहेंगे। वास्तव में यह एयरपोर्ट पूरी दुनिया में रहने वाले बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए भी योगी सरकार की तरफ से बड़ा उपहार है।

भगवान बुद्ध के उपासकों की संख्या श्रीलंका, थाईलैंड, जापान, वियतनाम, भूटान, म्यामांर, कम्बोडिया, मंगोलिया, सिंगापुर, लाओस, उत्तरी व दक्षिणी कोरिया समेत कई देशों मे बहुतायत में है उनके लिए भगवान बुद्ध से जुड़े स्थल उनकी धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के सांस्कृतिक संबंध और प्रगाढ़ होंगे
चूंकि कुशीनगर भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली है, इसलिए इस तीर्थ पर आने की मंशा हर बौद्ध अनुयायी की होती है। अबतक उन्हें देश के अलग अलग रास्तों से होकर यहां आना पड़ता था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन जाने से वे अब सीधे यहां पहुंच सकेंगे। जब बड़ी संख्या में ये बौद्ध मतावलंबी आएंगे तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के सांस्कृतिक संबंध और प्रगाढ़ होंगे। 

पर्यटन क्षेत्र से  सृजित होंगे रोजगार के अवसर
नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में नए कुशीनगर की तस्वीर देश के पर्यटन नक्शे पर और निखर उठेगी। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के क्रियाशील होने के साथ ही कुशीनगर के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली का दर्शन करने आने वाले विदेशी मात्र 50 किमी की दूरी पर स्थित गोरखपुर में विश्व प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर, खूबसूरत रामगढ़ताल, चिड़ियाघर आदि का भी भ्रमण करने आएंगे। विदेशी पर्यटकों की आमद बढ़ने से रोजगार के कई अवसर भी सृजित होंगे। 

निवेश की संभावना भी बढ़ेगी
मजबूत एयर कनेक्टिविटी होने से कुशीनगर व आसपास के जिलों में निवेश की संभावना भी खूब बढ़ेगी। यूपी सरकार द्वारा किए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सीधे विदेशियों की नजर में भी आएगा। जमीन और मानव संसाधन की सहज सुलभता के साथ प्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास नीति से निवेशक यहां आने के लिए आकर्षित होंगे।

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