RBI MPC Meeting: क्या सस्ती हो जाएगी लोन की किस्त? इस तारीख को आएगा RBI का फैसला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 6, 2022, 12:19 PM IST

RBI MPC Meeting: रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय बैंक इस बार भी ब्याज दरों पर अपनी यथास्थिति कायम रख सकता है।

RBI MPC Meeting: क्या सस्ती हो जाएगी लोन की किस्त? इस तारीख को आएगा RBI का फैसला
Photo Credit: BCCL

RBI MPC Meeting: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की दो दिवसीय मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक (RBI Monetary Policy Committee) आज 6 अप्रैल 2022 से शुरू हो रही है। इसके नतीजों की घोषणा आठ अप्रैल 2022 यानी शुक्रवार को की जाएगी। यह इसलिए खास है क्योंकि यह नए वित्त वर्ष 2022-23 की पहली 2 दिवसीय मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक है।

क्या इस बार कम होगी रेपो रेट?
अर्थशास्त्रियों के रॉयटर्स के एक पोल के अनुसार, केंद्रीय बैंक को अब मुद्रास्फीति के बारे में चिंता करना शुरू कर देना चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक ब्याज दर में वृद्धि को कम से कम चार महीने यानी अगस्त तक टाल सकता है। इस साल अब तक मुद्रास्फीति आरबीआई की 6 फीसदी ऊपरी सीमा से ऊपर रही है। फरवरी में हुई अपनी पिछली नीति बैठक में, केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया था। विशेषज्ञों की मानें तो इस बार भी केंद्रीय बैंक नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। 

रेपो रेट कम होने से क्या होगा?
मालूम हो कि जिस रेट पर आरबीआई कमर्शियल बैंकों और दूसरे बैंकों को लोन देता है, उसे रेपो रेट कहा जाता है। रेपो रेट कम होने का अर्थ है कि बैंकों को केंद्रीय बैंक की ओर से सस्‍ता लोन मिलेगा। यानी इससे बैंक से मिलने वाले लोन भी सस्ते हो जाएंगे। आसान भाषा में समझें, तो रेपो रेट कम होने से होम लोन, कार लोन, आदि सस्ते हो जाते हैं।

आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक पर #ETNowSwadesh का पोल-

भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछली समीक्षा बैठक में लगातार 10वीं बार नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। मौजूदा समय में रेपो रेट 4 फीसदी पर है। रिवर्स रेपो रेट 3.5 फीसदी पर है। भारत में महंगाई से जनता परेशान है। ऐसे में अब आम जनता को कर्ज की किस्त सस्ती होने का इंतजार है।

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