नई दिल्ली। तेल के बाद अब मोदी सरकार ने देश में चीनी की बढ़ती कीमत को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध एक जून 2022 से लागू होगा। इससे ना सिर्फ चीनी के मूल्य वृद्धि को रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि डोमेस्टिक बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी।
नोटिफिकेशन जारी
इस संदर्भ में विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक अधिसूचना जारी की, जिसमें कहा गया कि, 'कच्ची, परिष्कृत और सफेद चीनी का एक जून 2022 से एक्सपोर्ट प्रतिबंधित किया जा रहा है।'
क्या हैं इस प्रतिबंध के मायने? बाजार पर इसका क्या होगा असर? समझिए ET Now और ईटी नाउ स्वदेस के मैनेजिंग एडिटर से-
इनपर लागू नहीं होगा प्रतिबंध
इसके अलावा नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि ये बैन सीएक्सएल और टीआरक्यू के तहत यूरोपीय संघ व अमेरिका को एक्सपोर्ट की जा रही चीनी पर लागू नहीं होगा। मालूम हो कि सीएक्सएल और टीआरक्यू के तहत इन क्षेत्रों में निश्चित मात्रा में चीनी का एक्सपोर्ट किया जाता है।
देश में उपलब्धता बनाए रखने के लिए लिया फैसला
सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया कि चीनी मौसम 2021-22 यानी अक्टूबर से सितंबर के दौरान देश में चीनी की डोमेस्टिक उपलब्धता और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए अगले महीने से चीनी के निर्यात को विनियमित करने का निर्णय लिया गया है। मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए 100 लाख मीट्रिक टन (LMT) तक चीनी के निर्यात की अनुमति देने का फैसला लिया गया है।

