Budget 2021 : इंश्योरेंस में बढ़ाई गई FDI की सीमा, 49% से बढ़ाकर किया गया 74% 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 1, 2021, 01:53 PM IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कहा कि इंश्योरेंस में एफडीआई की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत किया गया।

Budget 2021 : इंश्योरेंस में बढ़ाई गई FDI की सीमा, 49% से बढ़ाकर किया गया 74% 

हर कोई अपने जीवन को सुरक्षित देखना चाहता है। खास करके आर्थिक तौर पर। इसलिए आप खुद का और अपने परिवार का जीवन बीमा करते हैं। इतना घर और गाड़ियां का भी इंश्योरेंस कराते है। इसलिए इस बजट में इंश्योरेंस सेक्टर को बढ़ावा देने का फैसला किया गया। इंश्योरेंस सेक्टर एफडीआई सीमा 49 प्रतिशत को बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दिया गया। इंश्योरेंस अधिनियम 1938 में बदलाव होंगे।

सरकार के इस कदम का उद्देश्य विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सभी वित्तीय उत्पादों के लिए निवेशक चार्टर पेश किया जाएगा। यह सभी वित्तीय निवेशकों का अधिकार होगा। उन्होंने बीमा क्षेत्र में FDI की सीमा को 49% से बढ़ाकर 74% करने तथा रक्षोपाय के साथ विदेशी भागीदारी तथा नियंत्रण की अनुमति के लिए बीमा अधिनियम-1938 में संशोधन का प्रस्ताव किया।

आम बजट 2021-22 पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि नए ढांचे के तहत ज्यादातर निदेशक और बोर्ड तथा प्रबंधन स्तर के अधिकारी निवासी भारतीय होंगे। कम से कम 50% निदेशक स्वतंत्र निदेशक होंगे। इसके अलावा मुनाफे का एक निश्चित प्रतिशत सामान्य आरक्षित निधि के रूप में रखा जाएगा।

उधर सीईओ, बैंकबाजार.कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा कि जमा बीमा दावों को कारगर बनाने के सरकार के कदम का स्वागत है। पिछले साल सरकार ने जमाकर्ताओं के हित में जमा बीमा कवरेज को 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया था। लेकिन बीमा दावा केवल तभी किया जा सकता है जब बैंक का लाइसेंस रद्द किया जाए और उसकी परिसमापन कार्यवाही शुरू हो। अब नयी घोषणा के अनुसार, बैंक ग्राहक जिनके खाते बैंक की बुरे प्रदर्शन के कारण फ्रीज कर दिए गए हैं, उन्हें भी अपने पैसे निकाल पाने में आसानी होगी।

End of Article