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आम्रपाली के फ्लैट खरीदारों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी! SBI ने मंजूर किया 1500 करोड़ का लोन

आम्रपाली के फ्लैट खरीदारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। SBI ने रुके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए ₹1500 करोड़ का लोन मंजूर किया है। इससे NBCC को रुकी हुई सोसायटियों का निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।

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Amrapali projects

आम्रपाली ग्रुप (Amrapali Group) के प्रोजेक्ट्स में अपने सपनों के आशियाने के लिए सालों से इंतजार कर रहे हजारों फ्लैट खरीदारों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने आम्रपाली के अधूरे पड़े फ्लैटों के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए ₹1500 करोड़ के भारी-भरकम लोन को अंतिम मंजूरी दे दी है। यह फंडिंग मिलने से उन मध्यमवर्गीय परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है, जिन्होंने अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई इन फ्लैटों को खरीदने में लगा दी थी और पिछले कई सालों से सिर्फ होम लोन की ईएमआई और किराए के दोहरे बोझ तले दबे हुए थे। इस नए फंड के आने से अब रुके हुए कंस्ट्रक्शन के काम को एक नया बूस्टर डोज मिलेगा, जिससे फ्लैटों के तैयार होने और खरीदारों को पजेशन मिलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

NBCC संभाल रही है प्रोजेक्ट्स

गौरतलब है कि साल 2019 से ही सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के ऐतिहासिक आदेश और सख्त निगरानी के तहत, सार्वजनिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित निर्माण कंपनी एनबीसीसी (NBCC) आम्रपाली के 21 अधूरे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की जिम्मेदारी संभाल रही है। जब आम्रपाली ग्रुप के प्रमोटर्स ने हजारों करोड़ रुपये का घोटाला करके खरीदारों को अधर में छोड़ दिया था, तब देश की शीर्ष अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का जिम्मा एनबीसीसी को सौंपा था। हालांकि, बीते कुछ समय से फंड की भारी कमी और लिक्विडिटी क्राइसिस के कारण कंस्ट्रक्शन की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई थी, जिससे खरीदारों का इंतजार लंबा होता जा रहा था। अब एसबीआई द्वारा इस ₹1500 करोड़ के वित्तीय पैकेज को हरी झंडी दिए जाने के बाद, एनबीसीसी के पास पैसों की कमी पूरी तरह खत्म हो जाएगी और बचे हुए निर्माण कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा किया जा सकेगा।

कौन कौन से प्रोजेक्ट्स हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि एसबीआई का यह कदम न केवल आम्रपाली के पीड़ित खरीदारों के लिए संजीवनी का काम करेगा, बल्कि पूरे भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate Sector) के लिए एक बेहद सकारात्मक संदेश है। इस लोन की मदद से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फैले आम्रपाली के विभिन्न प्रोजेक्ट्स जैसे कि सेंचुरियन पार्क, सिलिकॉन वैली, ड्रीम वैली, और जोडिएक समेत कुल 21 सोसायटियों के अधूरे टॉवरों का काम पूरा किया जाएगा। एनबीसीसी ने पहले ही आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके कई हजार फ्लैट तैयार कर खरीदारों को सौंपे हैं, लेकिन इस नई फंडिंग के बाद बचे हुए करीब 20,000 से अधिक फ्लैटों के फिनिशिंग, बिजली-पानी के कनेक्शन, लिफ्ट लगाने और फायर सेफ्टी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को बिना किसी रुकावट के अंतिम रूप दिया जा सकेगा।

होम बायर्स को बड़ी राहत

इस पूरे घटनाक्रम के बाद होम बायर्स एसोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त कोर्ट रिसीवर (Court Receiver) की टीम ने भी राहत की सांस ली है, जो लगातार विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से फंडिंग जुटाने के प्रयास में लगे हुए थे। इस लोन एग्रीमेंट के तहत पैसों का इस्तेमाल बेहद कड़े नियमों के साथ सिर्फ और सिर्फ कंस्ट्रक्शन के कामों में ही किया जाएगा, जिसकी पल-पल की मॉनिटरिंग सीधे सुप्रीम कोर्ट की कमेटी द्वारा की जाएगी ताकि एक भी रुपये का दुरुपयोग न हो सके। कुल मिलाकर, सालों के लंबे मानसिक तनाव, कानूनी लड़ाई और अनिश्चितता के बाद, आम्रपाली के फ्लैट खरीदारों के लिए यह एक ऐतिहासिक मोड़ है, जो यह साबित करता है कि देर से ही सही लेकिन देश की कानूनी और वित्तीय व्यवस्था आम नागरिकों के हक को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। अब खरीदार उम्मीद कर सकते हैं कि बहुत जल्द वे अपने खुद के घर में गृह प्रवेश कर सकेंगे।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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