मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच घरेलू एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उछाल के कारण केंद्र सरकार ने पिछले दिनों एलपीजी सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी की थी। दिल्ली में अब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़कर 913 रुपये हो गई है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 115 रुपये का इजाफा किया गया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती लागत के कारण यह फैसला लेना जरूरी था। हालांकि, इस बढ़ती महंगाई के बीच करोड़ों गरीब परिवारों के लिए राहत की बात यह है कि सरकार की ओर से दी जाने वाली 300 रुपये की सब्सिडी अभी भी जारी है।
इन लोगों को मिलेगी छूट
खासकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए यह सब्सिडी एक बड़े वरदान की तरह काम कर रही है। जिन ग्राहकों को पहले सिलेंडर 853 रुपये में मिलता था, अब उन्हें बढ़ी हुई कीमतों के बाद भी अपनी जेब से केवल 613 रुपये ही खर्च करने पड़ रहे हैं। सरकार द्वारा दी जाने वाली 300 रुपये की यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा की जाती है। मई 2016 में शुरू हुई इस योजना के तहत आज देश के 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को धुंए से मुक्ति मिली है। योजना के अंतर्गत न केवल गैस कनेक्शन मुफ्त मिलता है, बल्कि पहला रिफिल सिलेंडर, रेगुलेटर, पाइप और दो बर्नर वाला स्टोव भी सरकार की ओर से फ्री दिया जाता है।
कैसे उठाएं फ़ायदा?
अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया बेहद आसान है। पात्र महिलाएं आधिकारिक वेबसाइट pmuy.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या सीधे गैस एजेंसी पर जाकर भी फॉर्म भरा जा सकता है। खुद ऑनलाइन आवेदन करने पर कोई चार्ज नहीं लगता, जबकि CSC के जरिए आवेदन करने पर मात्र 20 रुपये का मामूली शुल्क देना होता है। संकट के इस समय में सरकार का प्रयास है कि समाज के सबसे निचले तबके तक किफायती ईंधन की पहुंच बनी रहे।
पर्याप्त भंडार मौजूद
वहीं दूसरी ओर, देश में एलपीजी की किल्लत की खबरों पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है। पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण एनर्जी सप्लाई चेन पर असर जरूर पड़ा है, लेकिन सरकार का कहना है कि भारत के पास घरेलू जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है। उपभोक्ताओं को घबराने या पैनिक बुकिंग करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए देश की रिफाइनरियों में एलपीजी का उत्पादन 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। भारत अब केवल एक ही रास्ते पर निर्भर नहीं है; 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' का रास्ता प्रभावित होने के बाद भारत ने सफलतापूर्वक नए वैश्विक स्रोतों से कच्चा तेल और गैस मंगाना शुरू कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी जनता को भरोसा दिलाया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार पूरी स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रख रही है। प्रोएक्टिव कदम उठाते हुए सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सप्लाई चेन में कोई बड़ी रुकावट न आए। रिफाइनरियों की बढ़ी हुई क्षमता और नए आयात समझौतों के कारण आने वाले हफ्तों में स्थिति और भी बेहतर होने की उम्मीद है।
