दुनियाभर के शेयर बाजारों में इस समय भारी दबाव देखने को मिल रहा है। अमेरिकी बाजारों से लेकर एशियाई मार्केट तक कमजोरी का माहौल है और भारतीय बाजार भी इससे अछूते नहीं हैं। पिछले पांच कारोबारी दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 3% से ज्यादा फिसल चुके हैं। लेकिन इस गिरावट भरे माहौल के बीच एक स्मॉलकैप स्टॉक ने बाजार की दिशा के बिल्कुल उलट चाल दिखाई है। कलाना इस्पात लिमिटेड (Kalana Ispat Ltd) के शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है और सिर्फ एक सप्ताह में यह शेयर करीब 85% तक उछल गया है। 27 फरवरी को इस शेयर की कीमत 16.30 रुपये थी, जो 6 मार्च को बढ़कर 30.35 हो गई है। इस तरह एक सात दिन के भीतर इस स्टॉक में 85 फीसदी से ज्यादा की तेजी आ चुकी है।
क्या करती है कंपनी
साल 2012 में स्थापित कलाना इस्पात लिमिटेड आयरन और स्टील प्रोडक्ट्स से जुड़ा कारोबार करती है। कंपनी मुख्य रूप से एम.एस. बिलेट्स और अलॉय स्टील बिलेट्स का निर्माण करती है और साथ ही आयरन स्क्रैप, आयरन ओर और अन्य स्टील प्रोडक्ट्स की ट्रेडिंग भी करती है। कंपनी ग्राहकों के लिए कास्टिंग सर्विस भी देती है, जिसमें क्लाइंट कच्चा माल देता है और कंपनी प्रोसेसिंग के बदले फीस चार्ज करती है। इसका मैन्युफैक्चरिंग यूनिट अहमदाबाद में स्थित है और इसके उत्पाद निर्माण, इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में इस्तेमाल होते हैं।
क्यों आई शेयर में इतनी तेजी
शेयर में तेजी के पीछे कुछ अहम ट्रिगर सामने आए हैं। हाल ही में कंपनी ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में बदलाव करते हुए बिजली और रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार में प्रवेश की भी योजना बनाई है। कंपनी के बोर्ड ने हाल ही में प्रमोटर्स को 45 लाख वारंट जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसके जरिए करीब ₹10.12 करोड़ जुटाए जाएंगे। इसके साथ ही कंपनी ने उधारी की सीमा को बढ़ाकर ₹100 करोड़ तक करने का प्रस्ताव भी रखा है। इन प्रस्तावों को मंजूरी देने के लिए 27 मार्च 2026 को EGM बुलाई गई है। बाजार में उम्मीद है कि इस फंड का इस्तेमाल कंपनी विस्तार और नई परियोजनाओं में कर सकती है, जिससे शेयर में सट्टा और खरीदारी दोनों बढ़ी हैं।
कैसे हैं कंपनी के फाइनेंशियल
कंपनी के फाइनेंशियल्स मिश्रित तस्वीर दिखाते हैं। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की कुल बिक्री ₹55.19 करोड़ रही, जबकि नेट प्रॉफिट ₹1.21 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि हाल के तिमाही नतीजों में ऑपरेटिंग मार्जिन दबाव में दिख रहा है और सितंबर 2025 में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन नकारात्मक हो गया। तीन साल में कंपनी का प्रॉफिट ग्रोथ करीब 101% रहा है, लेकिन हाल के 12 महीनों में मुनाफे में गिरावट देखी गई है।
फंडामेंटल्स क्या कहते हैं
फंडामेंटल्स की बात करें तो कुछ पॉजिटिव और कुछ निगेटिव संकेत भी दिखाई देते हैं। कंपनी लगभग कर्ज मुक्त स्थिति में है और इसका स्टॉक बुक वैल्यू के करीब 0.89 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो वैल्यूएशन के लिहाज से सस्ता माना जा सकता है। हालांकि पिछले तीन वर्षों में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी करीब 10.5% ही रहा है और कंपनी अभी तक डिविडेंड नहीं देती, जो निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय हो सकता है।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न
सितंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 62.91% है, जबकि पब्लिक की हिस्सेदारी करीब 37% है। विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी फिलहाल नगण्य है।
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