अमेजन में अगले हफ्ते हो सकती है बड़ी छंटनी, 30000 कर्मचारियों पर मंडराया खतरा!
- Authored by: रामानुज सिंह
- Updated Jan 24, 2026, 01:14 PM IST
Amazon layoffs News: अमेरिकी ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन अगले हफ्ते छंटनी के दूसरे चरण की शुरुआत कर सकती है, जिसमें करीब 30,000 कर्मचारियों पर असर पड़ने की आशंका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता इस्तेमाल है। इस दौर में AWS, HR, प्राइम वीडियो और रिटेल सेगमेंट के कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
अमेजन में छंटनी का अलर्ट, 30 हजार नौकरियां खतरे में (तस्वीर-istock)
Amazon layoffs News: अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन एक बार फिर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी अगले हफ्ते 30,000 कर्मचारियों की छंटनी के दूसरे दौर की शुरुआत कर सकती है। बताया जा रहा है कि इसका एक बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल है, जिससे कई काम अब ऑटोमेटेड हो रहे हैं। हालांकि कंपनी की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
किन विभागों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
आईएएनएस के मुताबिक रिपोर्ट्स के अनुसार छंटनी का सबसे ज्यादा असर अमेजन वेब सर्विसेज (AWS), ह्यूमन रिसोर्स (HR), अमेजन प्राइम वीडियो और रिटेल सेगमेंट में काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ सकता है। ये ऐसे विभाग हैं, जहां एआई और ऑटोमेशन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। सूत्रों का कहना है कि दूसरे दौर की छंटनी में भी करीब उतने ही कर्मचारियों को निकाला जा सकता है, जितने पहले चरण में निकाले गए थे।
अक्टूबर में हो चुकी है पहली छंटनी
इससे पहले अक्टूबर महीने में अमेजन ने 14,000 व्हाइट कॉलर कर्मचारियों की छंटनी की थी। यह छंटनी कंपनी की कुल 30,000 कर्मचारियों को निकालने की योजना का पहला चरण था। यानी अब जो दूसरा दौर आने वाला है, वह उसी योजना का हिस्सा माना जा रहा है। अमेजन के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी छंटनी मानी जा रही है।
एआई को बताया गया था वजह
अक्टूबर में हुई छंटनी के बाद अमेजन ने अपने कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक पत्र में एआई सॉफ्टवेयर के बढ़ते उपयोग का जिक्र किया था। उस पत्र में कहा गया था कि एआई तकनीक इंटरनेट के बाद सबसे बड़ी क्रांतिकारी तकनीक है, जो कंपनियों को पहले से कहीं ज्यादा तेजी से इनोवेशन करने में मदद कर रही है। पत्र के अनुसार, एआई के कारण कई काम कम लोगों में ही पूरे हो रहे हैं, जिससे कर्मचारियों की जरूरत घट रही है।
सीईओ ने बाद में बदला रुख
हालांकि, बाद में अमेजन के सीईओ एंडी जेसी ने इस मुद्दे पर अलग बयान दिया। कंपनी की तीसरी तिमाही की आय घोषणा के दौरान उन्होंने कहा कि यह छंटनी न तो पूरी तरह से वित्तीय कारणों से है और न ही सीधे तौर पर एआई की वजह से। उन्होंने इसे कंपनी की संस्कृति से जुड़ा मामला बताया। एंडी जेसी के अनुसार, अमेजन में नौकरशाही काफी बढ़ गई थी, जिससे काम की रफ्तार धीमी हो रही थी।
ज्यादा लोग, ज्यादा लेयर्स बनीं समस्या
सीईओ ने कहा कि जब किसी कंपनी में जरुरत से ज्यादा लोग हो जाते हैं, तो वहां कई अतिरिक्त लेयर्स बन जाती हैं। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया जटिल हो जाती है और काम की गति पर असर पड़ता है। उनका कहना था कि कंपनी को ज्यादा फुर्तीला और प्रभावी बनाने के लिए यह कदम जरूरी था।
अमेजन के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी
अगर 30,000 कर्मचारियों की छंटनी होती है, तो यह अमेजन के तीन दशक के इतिहास में सबसे बड़ी छंटनी होगी। इससे पहले साल 2022 में कंपनी ने 27,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। हालांकि, अमेजन में कुल करीब 15 लाख कर्मचारी काम करते हैं, ऐसे में यह संख्या कुल कर्मचारियों का एक छोटा हिस्सा ही होगी।
प्रभावित कर्मचारियों को मिलेगी राहत
रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन कर्मचारियों की नौकरी जाएगी, उन्हें 90 दिनों तक कंपनी के वेतनमान में रखा जाएगा। इस दौरान वे अमेजन के अंदर ही दूसरी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं या बाहर नए अवसर तलाश सकते हैं। यह कदम कर्मचारियों को अचानक आर्थिक संकट से बचाने के लिए उठाया जा रहा है।
एआई और नौकरियों पर बहस जारी
इस बीच, दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक में कई बड़ी तकनीकी कंपनियों के अधिकारियों ने कहा कि एआई सीधे तौर पर इंसानों की नौकरियां नहीं छीनेगा। हालांकि, यह जरूर है कि एआई काम करने के तरीकों को पूरी तरह बदल देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में नौकरियों की प्रकृति बदलेगी और कर्मचारियों को नई स्किल्स सीखनी होंगी।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।