AI निवेशकों का सबसे पसंदीदा सेक्टर है, जहां वे बेझिझक पैसा लगाने को तैयार हैं। इसी धारणा को सही साबित करते हुए अमेरिकी बाजार में निवेशकों ने एक जूते बनाने वाली कंपनी Allbirds पर भरोसा जताया है, क्योंकि कंपनी ने AI Infra में उतरने का ऐलान किया है। कंपनी के इस ऐलान का ऐसा असर हुआ कि डूबने के कगार पर खड़ी कंपनी के शेयर में एक ही दिन में 582% की तेजी आई है। ऑलबर्ड्स की यह कहानी दिखाती है कि बाजार में ‘AI’ शब्द कितना बड़ा ट्रिगर बन चुका है। लेकिन इतनी तेज़ रैली के बाद जोखिम भी उतना ही बड़ा है। निवेशकों के लिए यह मौका जितना आकर्षक दिख रहा है, उतना ही सावधानी बरतना भी जरूरी है।
AI का नाम और शेयर में विस्फोट
घाटे में डूबी ऑलबर्ड्स कंपनी ने जैसे ही AI बिजनेस में उतरने का ऐलान किया, उसका शेयर ₹230 से ₹1,840 तक पहुंच गया और पूरी मार्केट कहानी बदल गई। ऑलबर्ड्स ने अपने पारंपरिक फुटवियर बिजनेस को छोड़ने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर में उतरने का फैसला किया। इस एक ऐलान ने निवेशकों की धारणा पूरी तरह बदल दी। लंबे समय से गिरते शेयर में अचानक भारी खरीदारी आई और यह स्टॉक दिन का सबसे बड़ा गेनर बन गया।

एक ही दिन में 6 से 16 डॉलर पहुंच गया भाव
नाम बदला, कहानी बदली
कंपनी अब ‘न्यूबर्ड AI’ के नाम से जानी जाएगी। यह सिर्फ नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि बिजनेस मॉडल में पूरी तरह बदलाव का संकेत है। कंपनी अब खुद को GPU-एज़-ए-सर्विस और AI क्लाउड सॉल्यूशन प्रोवाइडर के रूप में स्थापित करना चाहती है।
मार्केट कैप में जबरदस्त उछाल
AI प्लान के ऐलान के बाद कंपनी का मार्केट कैप 22 मिलियन डॉलर यानी करीब 200 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 150 मिलियन डॉलर यानी 1,350 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह उछाल बताता है कि निवेशक AI सेक्टर को लेकर कितने आक्रामक हैं और नई संभावनाओं पर तेजी से दांव लगा रहे हैं।
5 करोड़ डॉलर का बड़ा प्लान
कंपनी ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए 5 करोड़ डॉलर जुटाने की योजना बनाई है। इस फंड से हाई-परफॉर्मेंस GPU खरीदे जाएंगे, जिससे कंपनी AI सर्विस प्लेटफॉर्म तैयार करेगी। यह रणनीति उसे टेक सेक्टर में नई पहचान दिलाने की कोशिश है। हालांकि, एक्सपर्ट इसे AI हाइप का हिस्सा मान रहे हैं। उनका कहना है कि कंपनी के पास फिलहाल AI सेक्टर का अनुभव नहीं है और यह सिर्फ ट्रेंड का फायदा उठाने की कोशिश हो सकती है। इतिहास में ऐसे कई उदाहरण रहे हैं, जहां नाम बदलने से अस्थायी तेजी आई लेकिन टिक नहीं पाई।
डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
