Akshaya Tritiya 2025 Gold: 10 मई 2024 से अब तक सोने ने निवेशकों को 30% से अधिक का रिटर्न दिया है, जिससे यह एक बार फिर सुरक्षित और आकर्षक निवेश विकल्प बन गया है। 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के आगमन के साथ, सोने की मांग में उत्साह तो है, लेकिन बढ़ती कीमतों ने खरीदारी के तरीके बदल दिए हैं। यहां अक्षय तृतीया के दिन कब सोना खरीदना चाहिए।
अक्षय तृतीया पर सोना कब खरीदें
इस वर्ष 29 अप्रैल की शाम (शाम 5:31 बजे) से 30 अप्रैल की दोपहर (दोपहर 2:12 बजे) तक अक्षय तृतीया मनाया जा रहा है। इस दिन विशेष रूप से सोने की खरीदारी के लिए बहुत शुभ माना जाता है। हालांकि खरीदारी करने का आदर्श समय, 30 अप्रैल को सुबह 5:40 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक है।
बिजनेस स्टेंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक निवेश प्लेटफॉर्म वेंचुरा के विश्लेषण से पता चलता है कि यह उछाल पिछली अक्षय तृतीया के दौरान 73,240 रुपये प्रति 10 ग्राम से 30 प्रतिशत की वृद्धि और 2019 में 31729 रुपये प्रति 10 ग्राम से 200 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
अक्षय तृतीया का पिछला रिकॉर्ड
| अक्षय तृतीया वर्ष | 24 कैरेट सोने की कीमत |
| 2025 | 95900 रुपए 10 ग्राम रहने की संभावना |
| 2024 | 73240 रुपए 10 ग्राम |
| 2023 | 59845 रुपए 10 ग्राम |
| 2022 | 50808 रुपए 10 ग्राम |
| 2021 | 47676 रुपए 10 ग्राम |
| 2020 | 46527 रुपए 10 ग्राम |
| 2019 | 31729 रुपए 10 ग्राम |
| 2018 | 31534 रुपए 10 ग्राम |
| 2017 | 28873 रुपए 10 ग्राम |
| 2016 | 29805 रुपए 10 ग्राम |
| 2015 | 26936 रुपए 10 ग्राम |
रिकॉर्ड तोड़ कीमतें: पहली बार 1 लाख रुपये के पार
22 अप्रैल 2025 को सोने की कीमत पहली बार ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई। इसके पीछे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई दर के दबाव हैं। 24 अप्रैल 2025 तक 22 कैरेट सोने की कीमत प्रमुख ब्रांड्स पर कुछ इस प्रकार रही:-
- मलाबार गोल्ड: ₹7,945 प्रति ग्राम
- जॉयआलुक्कास: ₹7,945 प्रति ग्राम
- कल्याण ज्वेलर्स: ₹7,945 प्रति ग्राम
- तनिष्क: ₹7,990 प्रति ग्राम
क्षेत्रवार मांग का विश्लेषण
वेंचुरा की रिपोर्ट के मुताबिक अक्षय तृतीया पर सोने की मांग का 40% हिस्सा दक्षिण भारत से आता है, इसके बाद पश्चिम (25%), पूर्व (20%) और उत्तर (10%) भारत आता है। उत्तर भारत में लोग आमतौर पर धनतेरस पर सोना खरीदते हैं।
उच्च कीमतों के चलते बिक्री में बदलाव
महंगी कीमतों के चलते इस साल सोने की बिक्री की मात्रा में गिरावट आ सकती है, लेकिन रेवेन्यू पिछले साल के समान रहने की संभावना है। विशेष रूप से शादी के लिए लोग भारी गहनों की जगह 1 से 1.5 सोवरन वाले हल्के गहने चुन रहे हैं।
14K और 18K सोने की बढ़ती मांग
ग्राहकों में अब 14 कैरेट और 18 कैरेट सोने की ओर झुकाव बढ़ रहा है क्योंकि यह टिकाऊ भी है और सस्ता भी। इसके अलावा, हीरों और रत्नों से जड़े गहनों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
ज्वेलर्स की नई रणनीतियां
बढ़ती कीमतों को देखते हुए ज्वेलर्स ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए प्रमोशनल डील्स, एडवांस बुकिंग, और गहनों की अदला-बदली योजनाएं पेश कर रहे हैं। कुछ ग्राहक अब मासिक किस्त योजनाओं के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं।
निवेश की दिशा में झुकाव
बढ़ती कीमतों के बावजूद, निवेशक सोने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। सिक्के और बिस्किट जैसे निवेशक विकल्पों की बिक्री मजबूत बनी हुई है, जबकि गहनों की खरीद केवल त्योहार या भावनात्मक कारणों से हो रही है।
भविष्य की कीमतों का पूर्वानुमान
वेंचुरा का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव और आर्थिक समस्याएं बढ़ती हैं तो 2026 तक सोने की कीमत ₹1,01,000–₹1,04,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति में देरी या मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था से कीमतों में अस्थायी गिरावट भी संभव है।
त्योहार के बाद मिलेगा सौदा?
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अक्षय तृतीया के बाद, यानी अप्रैल-जुलाई के दौरान, मांग में कमी के कारण ज्वेलर्स डिस्काउंट ऑफर करते हैं, जिससे खरीदारी करने का यह समय सौदेबाजी के लिए उपयुक्त हो सकता है।
