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Agriculture Web Portal: किसानों के लिए वेब पोर्टल लांच, ब्याज छूट का दावा जल्द निपटेगा

Agriculture Web Portal: पोर्टल लांच करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि मोदी सरकार विभिन्न उपाय करके किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

Agriculture Web Portal:कृषि मंत्रालय ने शुक्रवार को कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) के तहत जमा किए गए बैंकों के ब्याज छूट दावों के निपटान में तेजी लाने के लिए एक ‘वेब पोर्टल’ शुरु किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 43,000 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा कृषि विभाग और नाबार्ड ने संयुक्त रूप से एआईएफ के तहत दावों के निपटान को स्वचालित और तेज करने के लिए इस वेब पोर्टल को विकसित किया है।

क्या मिलेगा फायदा

पोर्टल लांच करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि मोदी सरकार विभिन्न उपाय करके किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि फसलों की भंडारण क्षमता बढ़ाने और किसानों के नुकसान को कम करने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के वित्तपोषण के साथ एआईएफ शुरू किया गया था। चौहान ने कहा कि 28 जून तक एआईएफ के तहत 67,871 परियोजनाओं के लिए 43,000 करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं और 72,000 करोड़ रुपये के निवेश जुटाए जा चुके हैं।

मंत्री ने कहा कि क्रेडिट दावों के लिए स्वचालन व्यवस्था से एक दिन के भीतर दावों का समय पर निपटान सुनिश्चित होगा। वर्तमान में निपटान के लिए महीनों लग जाते हैं।उन्होंने कहा कि इस कदम से पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी और भ्रष्ट तरीकों पर रोक लगेगी।चौहान ने कहा कि स्वचालित प्रणाली पोर्टल के माध्यम से सटीक रूप से पात्र ब्याज छूट की गणना करने में मदद करेगी और दावों के तेजी से निपटान में भी मदद मिलेगी।

साल 2020 में शुरू हुई थी योजना

पोर्टल का उपयोग बैंकों, कृषि विभाग की केंद्रीय परियोजना प्रबंधन इकाई (सीपीएमयू) और नाबार्ड द्वारा किया जाएगा।एआईएफ योजना वर्ष 2020 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य नुकसान को कम करने के लिए फसल-उपरांत प्रबंधन अवसंरचना का विकास करना, किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना, कृषि में नवाचार करना और कृषि अवसंरचना के निर्माण के लिए निवेश आकर्षित करना है। इसके लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से वर्ष 2025-26 तक एक लाख करोड़ रुपये का कुल वित्त पोषण उपलब्ध कराया जाएगा।चौहान ने कृषि कथा नामक एक ‘ब्लॉगसाइट’ भी शुरु किया। इस डिजिटल मंच का उद्देश्य भारतीय किसानों की बातों को सामने लाना है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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