अमेरिका चीन व्यापार वार्ता 2025 (प्रतीकात्मक फोटो)
लंदन में अमेरिका और चीन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के बीच दो दिवसीय वार्ता का सफल समापन हुआ। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य व्यापार से जुड़े मतभेदों को दूर करना और वार्ता की प्रक्रिया को पुनः सक्रिय करना था। वार्ता का केंद्र बिंदु खनिज और तकनीकी निर्यात से जुड़ी जटिलताओं को सुलझाना था, जो पिछले महीने जिनेवा में हुए एक नाजुक समझौते को प्रभावित कर रही थीं।
चीन के वाणिज्य उपमंत्री और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिनिधि ली चेंगगांग ने बताया कि दोनों पक्ष एक रूपरेखा पर सैद्धांतिक सहमति तक पहुंच गए हैं, जिसका उद्देश्य जिनेवा में बनी सहमति को लागू करना है। चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इस बात की पुष्टि की।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चीन के व्यापार अधिशेष जैसे व्यापक मुद्दों पर कोई ठोस प्रगति हुई या नहीं। इन जटिल विषयों पर समाधान की दिशा में अभी और बातचीत की आवश्यकता है।
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने संवाददाताओं से कहा, "हमें पहले नकारात्मक माहौल को खत्म करना था और अब हम आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।" यह बयान द्विपक्षीय रिश्तों में नई उम्मीद को दर्शाता है।
यह वार्ता अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हाल ही में हुई फोन वार्ता के बाद संभव हुई। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत से दोनों देशों के बीच संवाद को गति मिली है।
भविष्य में होने वाली बातचीत की रूपरेखा और तारीखों की जानकारी अभी साझा नहीं की गई है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बने सकारात्मक माहौल को देखते हुए जल्द ही आगे की योजना सार्वजनिक होने की संभावना है।