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सोने-चांदी के बाद क्या अब Bitcoin में बड़ी तेजी की बारी? ये संकेत कुछ ऐसा ही कर रहे इशारा

बिटकॉइन की शुरुआत 2009 में हुई थी। तब से इस क्रिप्टोकरेंसी ने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। आपको बता दें कि इस क्रिप्टोकरेंसी ने करीब 12 अरब प्रतिशत से भी ज्यादा का रिटर्न अपने निवेशकों को दिया है।

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बिटकॉइन

सोने और चांदी ने पिछले दो साल में अपने निवेशकों को मालामाल करने का काम किया है। हाल ही में सोना का भाव ₹1.20 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत ₹1.50 लाख प्रति किलो पहुंची थी। चांदी की कीमत में रिकॉर्ड तेजी से निवेशकों को बंपर रिटर्न मिला है। आपको बता दें कि पिछले 1 साल में चांदी ने अपने निवेशकों को करीब 60% का छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। वहीं, सोने के निवेशकों को 55% का रिटर्न दिया है। हालांकि, अब भाव में गिरावट आई है। सर्राफा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि शॉर्ट टर्म में दोनों कीमती धातु के भाव में 8% से 10% की गिरावट आ सकती है। वहीं, यहां से Bitcoin में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। आखिर, एक्सपर्ट ऐसा अनुमान क्यों लगा रहे हैं? आइए जानते हैं।

बिटकॉइन में क्यों तेजी का अनुमान?

आपको बता दें कि पिछले हफ्ते बिटकॉइन में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। यह 9% से ज्यादा उछलकर $1,23,966 के उच्च स्तर तक पहुंच गया। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum 2% बढ़कर $4,479.59 पर पहुंची, जबकि तीसरे नंबर की क्रिप्टो XRP में 1.8% की बढ़त दर्ज हुई और यह $3.03 तक पहुंच गया। Solana में भी करीब 2% की तेजी रही। यह तेजी अमेरिकी सरकार के शटडाउन को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण आई है, जिसे शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी बूस्ट के रूप में देखा जा रहा है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक का अनुमान है कि बिटकॉइन जल्द ही $1,35,000 के स्तर तक पहुंच सकता है।

बिटकॉइन की लोकप्रियता की वजह उसकीसीमित सप्लाई

बिटकॉइन की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण उसकी सीमित सप्लाई है। पारंपरिक मुद्राओं के विपरीत, दुनिया में केवल 2.1 करोड़ बिटकॉइन ही कभी अस्तित्व में रहेंगे। यह कमी ही उसे उन लोगों के लिए आकर्षक बनाती है जो अनिश्चित समय में अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखना चाहते हैं। निवेशक इस समय वैश्विक आर्थिक रुझानों पर भी बारीकी से नजर रख रहे हैं। महंगाई, ब्याज दरों और वित्तीय बाजारों की अस्थिरता को लेकर चिंताओं ने कई लोगों को क्रिप्टोकरेंसी को सुरक्षित विकल्प (safer alternative) मानने पर मजबूर किया है। इस कारण बिटकॉइन में तेजी देखने को मिल रही है।

पिछले कुछ दिनों में इसलिए रैली आई

  • फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद। जब ब्याज दरें घटने की संभावना होती है, तो क्रिप्टो जैसी जोखिम वाले एसेट्स में निवेश बढ़ जाता है।
  • बिटकॉइन एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स में बढ़ता निवेश। अब ज्यादा से ज्यादा संस्थागत निवेशक इन रेग्युलेटेड फंड्स के जरिए बिटकॉइन में हिस्सेदारी ले रहे हैं।
  • अमेरिकी सरकार के शटडाउन ने निवेशकों को बिटकॉइन को सेफ हेवन एसेट की तरह देखने को प्रेरित किया है।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

एक्सपर्ट अक्टूबर महीने में बिटकॉइन के प्रदर्शन को लेकर आशावादी हैं। कुछ अनुमान बताते हैं कि बिटकॉइन साल के अंत तक $1,43,000 तक पहुंच सकता है, जबकि कुछ का मानना है कि यह $1,38,000 के आसपास टिकेगा। टेक्निकल इंडिकेटर्स बताते हैं कि बिटकॉइन फिलहाल कुछ रेजिस्टेंस पॉइंट्स को टेस्ट कर रहा है। यदि यह उन्हें पार कर लेता है, तो $1,25,000 या उससे ऊपर की रैली संभव है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आपको बिटकॉइन में निवेश करना है तो अपने वित्तीय सलाहकार से संपर्क जरूर करें। )

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभ... और देखें

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