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Emergency Fund: नौकरी जाने का डर? कम पैसों में ऐसे बनाएं इमरजेंसी फंड

Emergency Fund: हाल ही में आईटी और अन्य सेक्टर में हुई छंटनी ने कई प्राइवेट कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। अगर आप भी अपनी फाइनेंशियल सिक्योरिटी को लेकर चिंतित हैं, तो इमरजेंसी फंड बनाना शुरू करना बेहद जरूरी है। आइए आपको बताते हैं आप कैसे इमरजेंसी फंड तैयार सकते हैं?

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Emergency fund

Emergency Fund: आज के समय में नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता आम बात है। अचानक छंटनी (Layoffs) होने पर सबसे ज्यादा परेशानी पैसों की होती है। ऐसे हालात से निपटने के लिए इमरजेंसी फंड बहुत मददगार साबित होता है। यह एक आर्थिक कुशन की तरह काम करता है, जो मुश्किल वक्त में सहारा देता है।

हाल ही में आईटी और अन्य सेक्टर में हुई छंटनी ने कई प्राइवेट कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। अगर आप भी अपनी फाइनेंशियल सिक्योरिटी को लेकर चिंतित हैं, तो इमरजेंसी फंड बनाना शुरू करना बेहद जरूरी है।

कितना होना चाहिए इमरजेंसी फंड?

सबसे पहले यह तय करें कि आपको कितनी रकम बचानी है। सामान्यतः तीन से छह महीने तक के खर्च का इंतजाम होना चाहिए। इसमें किराया या ईएमआई, किराना, बिजली-पानी के बिल, इंश्योरेंस प्रीमियम और अन्य जरूरी खर्च शामिल होने चाहिए। अगर आप घर में अकेले कमाने वाले हैं तो नौ से बारह महीने के खर्च जितना फंड बनाना और भी बेहतर रहेगा।

कैसे करें शुरू?

कई बार लोग सोचते हैं कि ज्यादा रकम से ही इमरजेंसी फंड बनाया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आप ज्यादा बचत नहीं कर पा रहे हैं तो भी हतोत्साहित न हों। आप हर महीने केवल 1,000 रुपये से भी शुरुआत कर सकते हैं। धीरे-धीरे यह फंड बड़ा हो जाएगा। बेहतर होगा कि हर महीने एक तय राशि अलग खाते में ऑटोमैटिक ट्रांसफर करा लें ताकि खर्च करने का मन न बने।

ऐसे करें बचत

इमरजेंसी फंड बनाने के लिए फिजूलखर्ची पर रोक लगाना भी जरूरी है। अगर नौकरी जाने का डर है तो आपको अनावश्यक खर्चों से बचना होगा। बेकार के ओटीटी सब्सक्रिप्शन बंद करें, बाहर खाना कम करें और बड़ी खरीदारी को कुछ समय के लिए टाल दें। हर छोटा-बड़ा बचाया हुआ पैसा आपके इमरजेंसी फंड को तेजी से बढ़ाने में मदद करेगा।

अब सवाल आता है कि इस फंड को कहां रखा जाए। इमरजेंसी फंड ऐसी जगह होना चाहिए जहां जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाला जा सके। इसके लिए लिक्विड म्यूचुअल फंड या हाई-इंटरेस्ट सेविंग अकाउंट अच्छे विकल्प हो सकते हैं। लंबे समय की एफडी या स्टॉक मार्केट जैसे रिस्की निवेश से बचना चाहिए क्योंकि वहां पैसा फंसा रह सकता है या नुकसान भी हो सकता है।

महीने के खर्च की समीक्षा करें

साथ ही, समय-समय पर अपने फंड की समीक्षा करना न भूलें। अगर आपके मासिक खर्च बढ़ रहे हैं तो फंड का लक्ष्य भी उसी हिसाब से एडजस्ट करें। अगर कभी आपको फंड का इस्तेमाल करना पड़े तो बाद में उसे दोबारा भरने को प्राथमिकता दें।

कुल मिलाकर, नौकरी खोना मुश्किल स्थिति हो सकती है, लेकिन अगर आपके पास इमरजेंसी फंड है तो आप और आपका परिवार सुरक्षित रहेंगे। अनुशासन और छोटी-छोटी बचत से बनाया गया यह फंड आपको आर्थिक संकट में कर्ज के जाल में फंसने से बचा सकता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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