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एजिस वोपैक टर्मिनल्स का IPO खुला, क्या करें निवेशक? जानें सब्सक्रिप्शन स्टेटस, GMP और ब्रोकरेज की राय

Aegis Vopak Terminals IPO: जिस वोपैक टर्मिनल्स ने ₹2,800 करोड़ के IPO की शुरुआत की है, जिसमें ₹1,260 करोड़ एंकर निवेशकों से पहले ही जुटा लिए गए हैं। यह IPO पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है और इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं है। जुटाई गई राशि का उपयोग कर्ज चुकाने, मंगलुरु में LPG टर्मिनल के अधिग्रहण और सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों के लिए किया जाएगा।

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एजिस वोपैक टर्मिनल्स IPO

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Aegis Vopak Terminals IPO: एजिस वोपैक टर्मिनल्स लिमिटेड (AVTL) का ₹2,800 करोड़ का IPO सोमवार को खुला। पहले दिन दोपहर 1 बजे तक यह 0.6 गुना सब्सक्राइब हुआ।AVTL, एजिस लॉजिस्टिक्स और रॉयल वोपैक का संयुक्त उद्यम है, जो भारत के पूर्व और पश्चिमी तटों पर टर्मिनल संचालित करता है। यह कंपनी एलपीजी और अन्य तरल उत्पादों के भंडारण की प्रमुख सेवा प्रदाता है।

IPO डिटेल्स: प्राइस बैंड और लिस्टिंग की जानकारी

आईपीओ का प्राइस बैंड ₹223–₹235 प्रति शेयर रखा गया है। यह इश्यू पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है और इसमें कोई OFS नहीं है। शेयर 2 जून को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

GMP अपडेट: लिस्टिंग गेन की संभावना

ग्रे मार्केट में AVTL के शेयर ₹249.5 पर ट्रेड कर रहे हैं, जो कि इश्यू प्राइस से 6.17% ऊपर है। इससे संकेत मिलता है कि लिस्टिंग पर निवेशकों को मुनाफा हो सकता है।

ब्रोकरेज फर्मों की राय

बजाज ब्रोकिंग ने 'सब्सक्राइब फॉर लॉन्ग टर्म' की रेटिंग दी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ₹1 की FY24 EPS और ₹13.27 के नेट एसेट वैल्यू पर ₹235 का प्राइस बैंड महंगा लगता है। BP वेल्थ और वेंचुरा ने भी ‘सब्सक्राइब’ की सिफारिश की है, यह कहते हुए कि कंपनी की कैपेक्स योजनाएं और ग्रीन अमोनिया जैसी भविष्य की योजनाएं लंबी अवधि में लाभप्रद हो सकती हैं।

प्रमुख जोखिम: निवेश से पहले जानना जरूरी

ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार, आईपीओ को निम्नलिखित जोखिमों का सामना करना पड़ेगा: 1) भारत के तेल और गैस उद्योग में मंदी; 2) प्राकृतिक आपदाओं या किसी अन्य कारण से परिसंपत्तियों को नुकसान; 3) व्यवसाय पर लागू सुरक्षा या कानूनी नियमों का पालन न करना; और 4) प्रमोटरों का समान व्यवसायों में शामिल होना।

एंकर निवेशकों से मिला ₹1,260 करोड़ का निवेश

एजिस वोपैक टर्मिनल्स ने अपने प्रारंभिक पब्लिक ऑफर (IPO) से पहले एंकर निवेशकों से ₹1,260 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी का मूल्यांकन IPO प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर लगभग ₹26,000 करोड़ किया गया है।

यह इश्यू पूरी तरह से फ्रेश इक्विटी शेयर्स का है, जिसकी कुल राशि ₹2,800 करोड़ है। रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, इस इश्यू में कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है। पहले यह इश्यू ₹3,500 करोड़ का प्रस्तावित था।

फंड का उपयोग कहां होगा?

  • ₹2,016 करोड़ का उपयोग कर्ज चुकाने में किया जाएगा।
  • ₹671.30 करोड़ मंगलुरु में एक क्रायोजेनिक LPG टर्मिनल के अधिग्रहण के लिए पूंजीगत व्यय में लगाया जाएगा।

शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।

कंपनी का व्यवसाय क्या है?

एजिस वोपैक टर्मिनल्स भारत में कई भंडारण टैंक टर्मिनल्स का स्वामित्व और संचालन करती है। ये टर्मिनल्स पेट्रोलियम, वनस्पति तेल, लुब्रिकेंट्स, केमिकल्स और गैस जैसे LPG, प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे द्रवों के लिए सुरक्षित भंडारण सुविधा प्रदान करते हैं।

स्ट्रैटेजिक लोकेशन कंपनी की ताकत

कंपनी के टर्मिनल्स रणनीतिक रूप से भारत के प्रमुख बंदरगाहों और प्रमुख शिपिंग रूट्स के निकट स्थित हैं। इससे पाइपलाइन, रेल और सड़क के माध्यम से तेज निकासी, कम डिलीवरी लागत और बेहतर समयबद्ध डिलीवरी संभव होती है। यह सुविधाएं कंपनी को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देती हैं।

लीड मैनेजर्स

इस IPO के लिए ICICI Securities, BNP Paribas, IIFL Capital Services, Jefferies India और HDFC Bank बुक रनिंग लीड मैनेजर्स हैं।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर IPO की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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