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Adani Ports: क्या है हार्बर टग, जिसे कोचीन शिपयार्ड से खरीद रहे अडानी; चुकाएंगे 450 करोड़ रु, शेयर पर रखें नजर

Adani Ports: अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी ने एक बयान में कहा कि इन टग की डिलीवरी दिसंबर 2026 में होने की उम्मीद है और मई 2028 तक जारी रहेगी, जिससे भारतीय बंदरगाहों में वेसल ऑपरेशन की दक्षता और सुरक्षा में सुधार होगा।

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Adani Ports: अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने शुक्रवार को आठ अत्याधुनिक हार्बर टग की खरीद की घोषणा की, जिसकी कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 450 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। टग निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। हार्बर टग एक तरीके का जहाज होता है, जिसका उपयोग बंदरगाहों में बड़े जहाजों को खींचने, धकेलने या मोड़ने के लिए किया जाता है। इसे आप बंदरगाह का 'टैक्सी' भी कह सकते हैं।

अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी ने एक बयान में कहा कि इन टग की डिलीवरी दिसंबर 2026 में होने की उम्मीद है और मई 2028 तक जारी रहेगी, जिससे भारतीय बंदरगाहों में वेसल ऑपरेशन की दक्षता और सुरक्षा में सुधार होगा। अडानी पोर्ट्स से ऑर्डर मिलने के बाद कोचीन शिपयार्ड के शेयर में उछाल देखने को मिला है। कारोबार के अंत में शेयर 1,539.05 रुपये पर बंद हुआ। वहीं, अडानी पोर्ट्स का शेयर 1232.55 रुपये पर बंद हुआ।

एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्विनी गुप्ता ने कहा, "कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड से खरीद के लिए यह सहयोग भारत में समुद्री बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता और हमारे देश के पीएसयू में हमारे विश्वास को दर्शाता है।" गुप्ता ने कहा, "विश्व स्तरीय लोकल मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का लाभ उठाकर, हमारा लक्ष्य 'मेक इन इंडिया' पहल में योगदान देना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि हमारे संचालन सुरक्षा और दक्षता के अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करें।"

इससे पहले, एपीएसईजेड ने ओशन स्पार्कल लिमिटेड के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड को दो, 62-टन बोलार्ड पुल एएसडी (अजीमुथिंग स्टर्न ड्राइव) टग के निर्माण का ठेका दिया था, जिनमें से दोनों को समय से पहले वितरित किया गया और पारादीप पोर्ट और न्यू मैंगलोर पोर्ट पर तैनात किया गया। कंपनी ने बताया कि तीन अतिरिक्त एएसडी टग का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे कुल ऑर्डर 13 टग का हो गया है। भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी कंपनी के अनुसार, "यह पहल जहाज निर्माण में सस्टेनेबल प्रैक्टिस के महत्व को रेखांकित करती है और भारत के आर्थिक विकास में समुद्री उद्योग के रणनीतिक महत्व को दर्शाती है।"

अडानी पोर्ट्स भारत में सबसे बड़ा बंदरगाह डेवलपर और ऑपरेटर है, जिसके पश्चिमी तट पर 7 रणनीतिक रूप से लोकेटेड पोर्ट्स और टर्मिनल हैं। इसके अलावा, 8 पोर्ट और टर्मिनल पूर्वी तट पर हैं, जो कि कुल मिलाकर देश के बंदरगाह वॉल्यूम का 27 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं। कंपनी श्रीलंका के कोलंबो में एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट भी विकसित कर रही है और इजरायल में हाइफा पोर्ट और तंजानिया के दार एस सलाम पोर्ट में कंटेनर टर्मिनल 2 का संचालन कर रही है।

(इनपुट-आईएएनएस)

Ankita Pandey
अंकिता पाण्डेयauthor

अंकिता पाण्डेय टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में तीन साल से काम कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक रखती हैं। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही फील्ड रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत हुई। फिर जनसत्ता के डिजिटल प्लैटफॉर्म में लगभग 1.5 साल तक काम किया। 2022 में टाइम्स नाउ नवभारत के एजुकेशन टीम का हिस्सा बनीं। करीब चार साल के छोटे से करियर में स्कूली शिक्षा से लेकर रोजगार तक के सभी पहलुओं पर पकड़ बनाई। नए और रोचक विषयों पर स्टोरी बनाने के साथ ही सक्सेस स्टोरी के जरिए युवाओं को प्रोत्साहन देना भी काम का हिस्सा है। जॉब वैकेंसी, स्कूल-कॉलेज, करियर ऑप्शन, एग्जाम टिप्स, करंट अफेयर्स से जड़ी तमाम खबरों को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहती हैं।

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