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Adani-Hindenburg Case:सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अडाणी ग्रुप के स्टॉक में तेजी, मार्केट कैप 15 लाख करोड़ के पार

Adani-Hindenburg Case: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अडाणी ग्रुप के स्टॉक में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। और फैसला आने के कुछ समय बाद ही ग्रुप की मार्केट कैप 15 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई है। अडाणी समूह के शेयरों में बुधवार को 11 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो गई ।

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अडाणी ग्रुप के स्टॉक में तेजी

Adani-Hindenburg Case:सुप्रीम कोर्ट ने अडाणी-हिंडनबर्ग केस को सीबीआई को स्थानांतरित करने से इंकार कर दिया है। उसका कहना है कि मामले को सीबीआई को स्थानांतरित करने का कोई आधार नहीं है। कोर्ट ने सेबी की जांच पर भरोसा जताया है। उसे दो लंबित मामलों की जांच तीन महीने में पूरी करने के लिए कहा है। सेबी के पास आरोपों से जुड़े 24 मामले हैं। इस फैसले के बाद अडाणी ग्रुप के स्टॉक में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। और फैसला आने के कुछ समय बाद ही ग्रुप की मार्केट कैप 15 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई है। अडाणी समूह के शेयरों में बुधवार को 18 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।

किन शेयरों में कितनी तेजी

  • ग्रुप की कंपनियों में सबसे ज्यादा तेजी अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और अडाणी टोटल गैस में दिख रही है। अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के स्टॉक में 11 फीसदी तक तेजी दिखी। हालांकि बाद में यह गिरकर 3.68 फीसदी की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था।
  • इसी तरह अडाणी टोटल गैस के स्टॉक में बाद में 6.91 फीसदी की तेजी है। हालांकि शुरूआत में वह 18 फीसदी तक बढ़ गया था। वहीं एनडीटीवी के स्टॉक में 4.35 फीसदी की तेजी है।
  • इसी तरह अडाणी विल्मर, अडाणी एंटरप्राइजेज और अडाणी पावर के शेयर 5-6 फीसदी की तेजी देखी गई। जबकि ग्रुप की सबसे कैशरिच कंपनी अडाणी पोर्ट्स के स्टॉक्स में 3 फीसदी तक तेजी आई। जो बाद में गिरकर करीब एक फीसदी की तेजी पर ट्रेड कर रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा और क्या है पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अडानी-हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़ी कई याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जांच सेबी से लेकर एसआईटी के पास भेजने का कोई आधार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सेबी से दो लंबित मामलों की जांच तीन महीने में पूरी करने के लिए कहा है। सेबी के पास आरोपों से जुड़े 24 मामले हैं। साथ ही कोर्ट ने कहा है कि अदालत द्वारा नियुक्त पैनल की सिफारिशों पर सरकार एवं सेबी को कार्यवाही करनी चाहिए। अदालत ने कहा कि सेबी के नियामकीय फ्रेमवर्क में दखल देने का उसका अधिकार सीमित है।

जनवरी 2023 में अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में अडाणी ग्रुप की कंपनियों पर स्टॉक मार्केट से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में कोर्ट की निगरानी में आरोपों की जांच कराने की मांग की गई है। आरोप है कि अडाणी समूह द्वारा शेयर मूल्यों में हेराफेरी की गई है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप की ओर से 'कॉरपोरेट इतिहास में सबसे बड़ी धोखाधड़ी' करने का दावा किया गया है। पिछले महीने कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा था कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट में जो कुछ कहा गया है, उसे पूरी तरह से सही नहीं माना जा सकता।

TNN Business Desk
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