Adani Group AGM 2026 : गौतम अडानी Gautam Adani ने बुधवार (24 जून 2026) को Adani Group की सालाना आम बैठक (AGM) में कंपनी के भविष्य का बड़ा रोडमैप पेश किया। उन्होंने साफ कहा कि आने वाले समय में कंपनी न्यूक्लियर पावर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर फोकस करेगी। गौतम अडानी ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और अब ऊर्जा सुरक्षा, टेक्नोलॉजी और देश की आत्मनिर्भरता एक-दूसरे से जुड़ चुकी हैं।
न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में एंट्री
AGM में सबसे बड़ी घोषणा न्यूक्लियर एनर्जी को लेकर हुई। गौतम अडानी ने बताया कि समूह ने अब आधिकारिक तौर पर न्यूक्लियर पावर बिजनेस में कदम रख दिया है। इसके लिए कंपनी ने Adani Atomic Energy के जरिए जमीन भी चिन्हित कर ली है। कंपनी का लक्ष्य साल 2035 तक 10 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर क्षमता तैयार करना है। यह फैसला इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत में साफ और लगातार बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। खासतौर पर इंडस्ट्री और डेटा सेंटर की बढ़ती जरूरतों के लिए न्यूक्लियर एनर्जी एक मजबूत विकल्प बन रही है।
AI और इंफ्रास्ट्रक्चर साथ-साथ बढ़ेंगे
गौतम अडानी ने कहा कि अब AI और इंफ्रास्ट्रक्चर अलग-अलग चीजें नहीं हैं। उन्होंने कहा, “इंफ्रास्ट्रक्चर देश को ताकत देता है और इंटेलिजेंस उसे महारत दिलाती है।” उन्होंने बताया कि कंपनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से निवेश बढ़ा रही है। समूह का लक्ष्य 2030 तक 3 गीगावॉट डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म तैयार करना है। इसके साथ ही Google के साथ विशाखापत्तनम में एक बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए समझौता भी किया गया है। यह दिखाता है कि AI की वजह से डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग की मांग कितनी तेजी से बढ़ रही है।
FY26 में 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश
अडानी समूह ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया। गौतम अडानी के मुताबिक, यह भारत के कुल निजी क्षेत्र के नए निवेश का करीब 30 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि कंपनी की रणनीति सिर्फ मौजूदा जरूरतों को पूरा करने की नहीं है, बल्कि भविष्य की मांग को ध्यान में रखकर काम करने की है।
पावर सेक्टर में सबसे बड़ा विस्तार
Adani Power इस समय भारत के निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा बिजली विस्तार कार्यक्रम चला रही है। कंपनी अगले पांच साल में 45 गीगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता तैयार करना चाहती है। इसके लिए 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जा रहा है। इसके अलावा अडानी समूह ने Druk Green Power Corporation के साथ मिलकर भूटान में 5,000 मेगावॉट हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर भी काम शुरू किया है। Bhutan के साथ यह साझेदारी भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
पोर्ट और लॉजिस्टिक्स में रिकॉर्ड प्रदर्शन
Adani Ports and Special Economic Zone ने FY26 में 500 मिलियन टन से ज्यादा कार्गो हैंडल किया। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक इसे बढ़ाकर 1 बिलियन टन करना है। वहीं, Vizhinjam Port ने अपने पहले ही साल में 10 लाख TEUs का आंकड़ा पार कर लिया। यह भारत के सबसे तेजी से बढ़ते पोर्ट्स में शामिल हो गया है।
एयरपोर्ट बिजनेस में भी तेजी
अडानी समूह ने Navi Mumbai International Airport के लॉन्च और Lokpriya Gopinath Bordoloi International Airport के नए टर्मिनल की शुरुआत का भी जिक्र किया। गौतम अडानी ने कहा कि नवी मुंबई एयरपोर्ट सिर्फ चार साल में बनकर तैयार हुआ, जो एक रिकॉर्ड है। यह एयरपोर्ट हर साल 9 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा।
डिफेंस सेक्टर में भी बढ़ रही पकड़
अडानी समूह अब डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में भी तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। कंपनी की साझेदारी Leonardo और Embraer जैसी कंपनियों के साथ हुई है। इन साझेदारियों के जरिए भारत में हेलिकॉप्टर और रीजनल एयरक्राफ्ट निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। अडानी ने बताया कि कंपनी के ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, मिसाइल और गोला-बारूद भारतीय सेना की जरूरतों में भी इस्तेमाल हो रहे हैं।
मुनाफे में भी बढ़ोतरी
वित्तीय मोर्चे पर भी अडानी समूह ने मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी की कुल आय 7.4 प्रतिशत बढ़कर 2.92 लाख करोड़ रुपये हो गई। EBITDA 94,834 करोड़ रुपये रहा, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा लगभग 14 प्रतिशत बढ़कर 46,376 करोड़ रुपये पहुंच गया। गौतम अडानी ने कहा कि कंपनी ने मुश्किल दौर और कड़ी जांच के बावजूद मजबूती से काम किया है।
हेल्थ और एजुकेशन पर भी फोकस
बिजनेस के साथ-साथ अडानी समूह सामाजिक कामों पर भी ध्यान दे रहा है। Adani Foundation अपने 30वें साल में हेल्थकेयर और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट शुरू करेगी। कंपनी अहमदाबाद और मुंबई में Adani Health City बनाने की योजना पर काम कर रही है। साथ ही ग्रामीण इलाकों में स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम भी जारी रहेंगे।
गौतम अडानी का यह भाषण सिर्फ अगले कुछ महीनों की योजना नहीं, बल्कि आने वाले कई दशकों के भारत के विकास की तस्वीर दिखाता है। न्यूक्लियर एनर्जी, AI और इंफ्रास्ट्रक्चर पर कंपनी का बड़ा दांव यह साफ करता है कि अडानी समूह अब भविष्य की तैयारी में पूरी ताकत से जुट गया है।
