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Budget 2026: बजट में आम जनता के लिए क्या हुआ सस्ता-महंगा? यहां है पूरी लिस्ट

Aam Budget 2026 Mein kya Mahnga kya Sasta (आज के बजट में क्या सस्ता क्या महंगा) : बजट भाषण खत्म होते ही आम आदमी की जुबान पर बस एक ही सवाल है "मेरे लिए क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?" अगर आप भी बजट की लाइव स्ट्रीमिंग देखने से चूक गए हैं तो आइए आपको बताते हैं बजट में क्या सस्ता और क्या महंगा हुआ है? आइए जानते हैं कि इस बजट के बाद आपकी रसोई से लेकर आपकी लाइफस्टाइल तक क्या बदलाव आने वाले हैं।

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Budget sasta mehnga

कोयलासोलर और रिन्यूएबल एनर्जी: Aam Budget 2026 Mein kya Mahnga kya Sasta (आज के बजट में क्या सस्ता क्या महंगा): वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट 2026 पेश कर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ये नौवां बजट है और हर साल की तरह इस बार भी बजट भाषण खत्म होते ही आम आदमी की जुबान पर बस एक ही सवाल है "मेरे लिए क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?" अगर आप भी बजट की लाइव स्ट्रीमिंग देखने से चूक गए हैं तो आइए आपको बताते हैं बजट में क्या सस्ता और क्या महंगा हुआ है? आइए जानते हैं कि इस बजट के बाद आपकी रसोई से लेकर आपकी लाइफस्टाइल तक क्या बदलाव आने वाले हैं।

क्या-क्या हुआ सस्ता- महंगा?

सस्ता महंगा
मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्सशराब
इलेक्ट्रिक वाहन (EVस्क्रैप
दवाइयां और स्वास्थ्यखनिज
सोलर और रिन्यूएबल एनर्जीकोयला
लेदर और फुटवियरशेयर बाजार में निवेश
बायोगैस और CNG
माइक्रोवेव

मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स: मोबाइल पार्ट्स, पीसीबीए (PCBA) और कैमरा लेंस पर आयात शुल्क (Import Duty) कम कर दी गई है। इसके चलते अब स्मार्टफोन, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की कीमतों में गिरावट आएगी।

इलेक्ट्रिक वाहन (EV): लिथियम-आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर सीमा शुल्क में छूट दी गई है। इससे इलेक्ट्रिक कारें, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स और बैटरी सस्ती होंगी।

दवाइयां और स्वास्थ्य: सरकार ने जेनेरिक दवाओं और जीवन रक्षक दवाओं के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ड्यूटी कम की है, जिससे कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां आम जनता के लिए सस्ती हो जाएंगी।

सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी: सोलर पैनल बनाने वाले कंपोनेंट्स और सोलर सेल पर शुल्क घटाया गया है। अब घरों में सोलर प्लांट लगवाना और सोलर लाइट खरीदना पहले से सस्ता होगा।

लेदर और फुटवियर: चमड़े के सामान और जूतों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले इनपुट्स पर राहत दी गई है, जिससे ब्रांडेड जूते और लेदर बैग्स के दाम कम होंगे।

बायोगैस और बायोगैस प्लांट: बायोगैस से जुड़े उपकरणों और बायोगैस उत्पादन की लागत कम करने के लिए रियायतें दी गई हैं, जिससे ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा और यह सस्ती होगी।

क्या क्या हुआ महंगा?

शेयर बाजार में ट्रेडिंग (F&O): शेयर बाजार के निवेशकों, खासकर ट्रेडर्स के लिए यह बड़ा झटका है। फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर लगने वाले सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब ट्रेडिंग करना पहले से काफी महंगा होगा।

विदेशी शराब: पार्टी करना अब और महंगा होगा क्योंकि सरकार ने आयातित (Imported) शराब पर लगने वाले शुल्कों में वृद्धि कर दी है।

लग्जरी विदेशी सामान: अगर आप विदेशी ब्रांड्स के शौकीन हैं, तो अब आपको ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। विदेशी परफ्यूम, महंगे कपड़े, ब्रांडेड जूते और लग्जरी घड़ियों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया गया है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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