भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्डधारकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर दी है। अब आधार में अपना नाम, पता, जन्मतिथि (DOB) या लिंग जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों को अपडेट कराना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। UIDAI ने अपनी स्वीकार्य दस्तावेजों (Acceptable Documents) की सूची में विस्तार करते हुए 30 से अधिक नए दस्तावेजों को मंजूरी दी है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य उन लोगों की मदद करना है जिनके पास पहले से मौजूद सीमित सूची वाले दस्तावेज नहीं थे और जिन्हें अपनी जानकारी सही करवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे।
किन बदलावों के लिए मिली मंजूरी?
आधार कार्ड में अक्सर लोगों को नाम की स्पेलिंग गलत होने, शादी के बाद सरनेम बदलने या घर बदलने पर एड्रेस अपडेट कराने की जरूरत पड़ती है। नए नियमों के तहत, UIDAI ने 'Proof of Identity' (पहचान का प्रमाण), 'Proof of Address' (पते का प्रमाण) और 'Relationship Documents' (रिश्ते का प्रमाण) की श्रेणियों में कई नए विकल्पों को जोड़ा है। अब आप राशन कार्ड, वोटर आईडी और पासपोर्ट के अलावा कई अन्य सरकारी और अर्ध-सरकारी दस्तावेजों का उपयोग कर सकते हैं। यह कदम विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और उन युवाओं के लिए मददगार होगा जिनके पास अभी ज्यादा औपचारिक दस्तावेज नहीं बने हैं।
नए दस्तावेजों की लिस्ट
UIDAI द्वारा जारी नई सूची में कई ऐसे दस्तावेजों को शामिल किया गया है जो आमतौर पर लोगों के पास आसानी से उपलब्ध होते हैं। उदाहरण के लिए, अब केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए फोटो पहचान पत्र, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) द्वारा जारी किए गए सर्विस फोटो आईडी कार्ड और विकलांगता प्रमाण पत्र (UDID Card) को भी वैध माना जाएगा। इसके अलावा, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र (SLC), स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) और पैन कार्ड (PAN Card) का उपयोग नाम और जन्मतिथि में सुधार के लिए किया जा सकता है। पते के प्रमाण के लिए अब बिजली बिल, पानी बिल और टेलीफोन बिल के अलावा पिछले तीन महीनों का रेंट एग्रीमेंट या बैंक स्टेटमेंट भी अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सकेगा।
ऑनलाइन और ऑफलाइन अपडेट का विकल्प
UIDAI ने केवल दस्तावेजों की सूची ही नहीं बढ़ाई है, बल्कि अपडेट करने के तरीके को भी आधुनिक बनाया है। नागरिक 'myAadhaar' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जाकर इन नए दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड कर सकते हैं और अपना पता घर बैठे बदल सकते हैं। हालांकि, नाम या जन्मतिथि में बदलाव के लिए अभी भी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की आवश्यकता हो सकती है, जिसके लिए आपको अपने नजदीकी आधार नामांकन केंद्र पर जाना होगा। अच्छी बात यह है कि अब दस्तावेजों की लंबी सूची होने के कारण 'रिजेक्शन' की संभावनाएं काफी कम हो जाएंगी।
दस्तावेजों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ UIDAI ने सुरक्षा मानकों को भी सख्त रखा है। जमा किए गए सभी दस्तावेजों का गहन सत्यापन (Verification) किया जाता है। प्राधिकरण ने आगाह किया है कि कोई भी फर्जी दस्तावेज जमा करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसलिए, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप जो भी दस्तावेज दे रहे हैं, वह आपके नाम पर हो और उसमें दी गई जानकारी स्पष्ट हो। UIDAI का लक्ष्य है कि हर नागरिक का आधार डेटा एकदम सटीक हो, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहे।
