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सरकार की तिजोरी में आया बंपर पैसा! जानिए RBI ने क्यों दिए 2.7 लाख करोड़ रुपये

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा सरकार को 2.7 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लाभांश दिए जाने से सरकार की राजकोषीय स्थिति मजबूत होगी और देश की आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी। एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह लाभांश बजट अनुमान से अधिक है, जिससे सरकार को या तो राजकोषीय घाटा कम करने या अतिरिक्त व्यय (करीब 70,000 करोड़ रुपये) का अवसर मिलेगा।

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भारतीय रिजर्व बैंक।

Photo : iStock

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 2.7 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक डिविडेंड केंद्र सरकार को हस्तांतरित किए जाने से देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और विकास की गति को बल मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इस डिविडेंड से सरकार को अपने वित्तीय लक्ष्यों को बेहतर ढंग से साधने में सहायता मिलेगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2025-26 के लिए बजट में आरबीआई और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों से 2.56 लाख करोड़ रुपये के डिविडेंड की उम्मीद जताई थी। लेकिन आरबीआई का यह वास्तविक हस्तांतरण इस अनुमान को पार कर गया है, जिससे अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।

राजकोषीय घाटा घटने की संभावना

एसबीआई की ‘इकोरैप’ रिपोर्ट के अनुसार, इस अधिशेष से सरकार का राजकोषीय घाटा अनुमानित स्तर से 0.2% घटकर GDP के 4.2% तक रह सकता है। यह सरकार को करीब 70,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय की भी अनुमति दे सकता है, बशर्ते अन्य नीतिगत कारकों में कोई बदलाव न हो।

डिविडेंड बढ़ोतरी के पीछे कारण

आरबीआई का यह अधिशेष डिविडेंड मुख्य रूप से डॉलर की बिक्री, विदेशी मुद्रा से हुए लाभ और ब्याज आय में निरंतर बढ़ोतरी की वजह से संभव हुआ है। साथ ही, आकस्मिक जोखिम बफर की सीमा को संशोधित कर 6 प्रतिशत (±1.5%) कर दिया गया है, जिससे अधिशेष में इजाफा हुआ।

विदेशी मुद्रा भंडार और नकदी स्थिति

जनवरी 2024 में आरबीआई ने एशिया के अन्य केंद्रीय बैंकों की तुलना में सबसे अधिक विदेशी मुद्रा बेची थी। सितंबर 2024 में विदेशी मुद्रा भंडार 704 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर पर था। इसके बाद बाजार को स्थिर रखने के लिए केंद्रीय बैंक ने बड़े पैमाने पर डॉलर की बिक्री की। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में नकदी की स्थिति अधिशेष बनी रहने की उम्मीद है, जिसमें ओएमओ खरीद, डिविडेंड हस्तांतरण और 2025-26 में अनुमानित 25–30 अरब डॉलर के भुगतान संतुलन अधिशेष से मदद मिलेगी।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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