SEBI Proposal on Celebrity Endorsement : अभी तक आपने कभी किसी बड़े क्रिकेटर या बॉलीवुड स्टार को स्टॉक ब्रोकिंग ऐप का प्रचार करते हुए नहीं देखा होगा। क्योंकि, भारतीय पूंजी बाजार नियामक SEBI ने खुद ही इस तरह के प्रचार को प्रतिबंधित कर रखा है। लेकिन, अब SEBI ने विज्ञापन नियमों में बड़ा बदलाव सुझाते हुए वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों को ब्रांड स्तर पर सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, इसके साथ एक सख्त शर्त भी जुड़ी है। कोई भी सेलिब्रिटी किसी विशेष शेयर, म्यूचुअल फंड स्कीम, बॉन्ड या निवेश उत्पाद में पैसा लगाने की सलाह नहीं दे सकेगा। यानी सितारे कंपनी का चेहरा बन सकते हैं, लेकिन निवेश संबंधी सलाह नहीं दे पाएंगे।
क्यों बदल रहे हैं नियम?
SEBI ने अपने परामर्श पत्र में माना है कि डिजिटल युग में विज्ञापन और ब्रांडिंग का स्वरूप तेजी से बदल चुका है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वित्तीय कंपनियां रोजाना बड़ी संख्या में पोस्ट, वीडियो और जागरूकता अभियान चलाती हैं। ऐसे में हर कंटेंट को पहले से मंजूरी देने की मौजूदा व्यवस्था समय लेने वाली और कम प्रभावी साबित हो रही है। इसी वजह से SEBI ने विभिन्न बाजार संस्थाओं के लिए अलग-अलग विज्ञापन नियमों को हटाकर एक समान "कॉमन एडवरटाइजमेंट कोड" लागू करने का प्रस्ताव रखा है।
सितारे क्या कर सकेंगे और क्या नहीं?
प्रस्ताव के मुताबिक किसी वित्तीय कंपनी, ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म या म्यूचुअल फंड हाउस के ब्रांड प्रमोशन में सेलिब्रिटी शामिल हो सकते हैं। वे कंपनी की पहचान और सेवाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने वाले विज्ञापनों में नजर आ सकते हैं। लेकिन यदि कोई विज्ञापन किसी विशेष म्यूचुअल फंड स्कीम, शेयर, निवेश योजना या वित्तीय उत्पाद को खरीदने की सलाह देता है, तो उसमें सेलिब्रिटी का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। SEBI का मानना है कि ऐसे मामलों में निवेशक केवल सेलिब्रिटी की लोकप्रियता के आधार पर निवेश निर्णय ले सकते हैं, जिससे जोखिम बढ़ सकता है।
क्या आएगा सबसे बड़ा बदलाव?
प्रस्तावित नियमों का एक और बड़ा पहलू विज्ञापन मंजूरी प्रक्रिया से जुड़ा है। अभी कई मामलों में विज्ञापनों और प्रचार सामग्री को पहले नियामकीय मंजूरी की आवश्यकता होती है। नई व्यवस्था में अधिकांश विज्ञापनों को पहले जारी करने और बाद में रिपोर्टिंग करने की अनुमति दी जा सकती है। इससे कंपनियां बाजार की परिस्थितियों और निवेशक रुचि के अनुसार तेजी से कंटेंट जारी कर सकेंगी। खासतौर पर सोशल मीडिया रील्स, शॉर्ट वीडियो और डिजिटल अभियानों को इससे बड़ा फायदा मिल सकता है।
किन संस्थाओं पर लागू होंगे नियम?
SEBI के प्रस्तावित कॉमन एडवरटाइजमेंट कोड के दायरे में स्टॉक ब्रोकर्स, म्यूचुअल फंड कंपनियां, इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स, रिसर्च एनालिस्ट्स, पोर्टफोलियो मैनेजर्स और अन्य SEBI-नियंत्रित बाजार संस्थाएं शामिल होंगी। फिलहाल SEBI ने इस संबंध में परामर्श पत्र जारी किया है और 14 जुलाई 2026 तक बाजार सहभागियों, निवेशकों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं
TIMES NOW Navbharat पर ये भी पढ़ें : IRFC OFS : मार्केट रेट से 8% डिस्काउंट पर मिल रहा रेलवे शेयर, सरकार बेच रही हिस्सेदारी
