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8th Pay Commission: परिवार में माता-पिता को भी जोड़ने की मांग, फिटमेंट फैक्टर 3 के पार संभव, जानें कितनी बढ़ेगी सैलरी

8th Pay Commission: केंद्र सरकार में काम करने वाले लाखों कर्मचारी नए वेतन आयोग लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच कर्मचारियों के संगठन ने नई मांग रखी है। अगर वह मांग मान ली जाती है तो कर्मचारियों के सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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8वें वेतन आयोग

8th Pay Commission: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी नए वेतन आयोग लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच फरवरी महीने में नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड), जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की मीटिंग के दौरान, 8th Pay Commission सैलरी रिवीजन की एक बड़ी मांग यह रखी कि एक परिवार में सदस्यों की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 कर दी जाए। सेंट्रल गवर्नमेंट के मुख्य कर्मचारी और पेंशनर बॉडी इस मांग पर जोर दे रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि हर फैमिली यूनिट में सदस्यों की संख्या बढ़ाने से 8th CPC के लिए फिटमेंट फैक्टर काफी बढ़ सकता है। उनका मानना है कि अगर केंद्र सरकार मांग मान लेती है, तो 8th CPC के लिए फिटमेंट फैक्टर 3 से ज्यादा हो सकता है।

1957 से नहीं हुआ है बदलाव

तीन फैमिली यूनिट्स का कॉन्सेप्ट 1957 में 15वें इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस (ILC) में शुरू किया गया था, जहां जरूरत के हिसाब से सैलरी तय करने के नियमों पर चर्चा हुई थी। तब से, पे कमीशन में बेसिक सैलरी कैलकुलेट करते समय तीन फैमिली यूनिट्स (पति, पत्नी और दो बच्चे) को ध्यान में रखा जाता है। कर्मचारी संगठन 8वें पे कमीशन में फैमिली यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 करने की मांग क्यों कर रहे हैं? कर्मचारी संगठन का मनना है कि अब माता-पिता की देखभाल करना बच्चों की कानूनी जिम्मेदारी है, और इसलिए संगठन दो और यूनिट बढ़ाने की मांग कर रहा है।

सैलरी पर क्या होगा असर?

अगर परिवार की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 कर दी जाती हैं, तो 8th Pay Commission की सैलरी पर में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। जानकारों का कहना है कि फैमिली यूनिट 3 से 5 करने से बेसिक पे 66% (3 यूनिट/5 यूनिट) बढ़ सकती है, जिसका मतलब है 0.66 का एक्स्ट्रा फिटमेंट फैक्टर। 66% की बढ़ोतरी हर फैमिली यूनिट पर 33.33% के आधार पर होती है। क्योंकि दो फैमिली यूनिट 66.67% होंगी, इसलिए हम 66% का राउंड फिगर ले रहे हैं। अगर केंद्र 5 फैमिली यूनिट्स पर विचार करता है, तो 8वें कमीशन का फिटमेंट फैक्टर 3.0 से ज्यादा हो सकता है?

कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

अगर फिटमेंट फैक्टर 3 मान ली जाती है तो इसका मतलब होगा कि सैलरी में भारी बढ़ोतरी होगी। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर नई बढ़ोतरी कैलकुलेट करने का फॉर्मूला आसान है। यह है – सरकारी कर्मचारी की बेसिक सैलरी को फिटमेंट फैक्टर से गुणा करें।

बेसिक सैलरी X फिटमेंट फैक्टर = नई बढ़ोतरी

अगर बेसिक सैलरी मान लीजिए 17,990 रुपये है और CPC 3 को फिटमेंट फैक्टर के तौर पर तय करता है, तो नई बढ़ोतरी होगी: 3X17,990 रुपये = 53,970 रुपये

अभी, सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉई को 7th Pay Commission के तहत मिनिमम बेसिक पे 18,000 रुपये मिलती है।

अगर 8th Pay Commission ये मान लेता है:

फिटमेंट फैक्टर 3.0 → मिनिमम सैलरी Rs 54,000 को पार कर सकती है।

फिटमेंट फैक्टर 3.25 → मिनिमम सैलरी Rs 58,500 के करीब जा सकती है।

पेंशन लेने वालों के लिए भी, ज्यादा फिटमेंट फैक्टर का मतलब होगा बेहतर रिवाइज्ड पेंशन।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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