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8वें वेतन आयोग में 7वें से कम या ज्यादा बढ़ेगी सैलरी? रिपोर्ट ने खोला बड़ा राज!

8th Pay Commission Salary Hike : 8वें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों को कितनी वेतन वृद्धि मिल सकती है, जो 7वें वेतन आयोग में दी गई 14.3% बढ़ोतरी से कम होगी या ज्यादा। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यह बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर में संभावित कमी के चलते सीमित रह सकती है।

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8वें वेतन आयोग में 7वें से कम या ज्यादा बढ़ेगी सैलरी, जानिए क्या कहता है रिपोर्ट (तस्वीर-istock)

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8th Pay Commission Salary Hike : कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को आने वाले 8वें वेतन आयोग के तहत करीब 13% की प्रभावी वेतन वृद्धि मिलने की संभावना है, जो 7वें वेतन आयोग में मिली 14.3% वृद्धि से थोड़ा कम है।

फिटमेंट फैक्टर घटकर 1.8 होने की संभावना

रिपोर्ट के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर, जो बेसिक पे तय करने में अहम भूमिका निभाता है, 8वें वेतन आयोग में 1.8 तय किया जा सकता है, जबकि 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था। इसका मतलब है कि वर्तमान में ₹18,000 के बेसिक वेतन में वृद्धि होकर ₹32,000 तक पहुंच सकती है। हालांकि, महंगाई भत्ता (DA) को रीसेट कर जीरो करने के कारण कुल वेतन में वृद्धि सीमित ही रहेगी।

8th pay commission: वेतन संरचना पर असर

अगर किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹50,000 है, तो नया वेतन करीब ₹90,000 तक जा सकता है। लेकिन वर्तमान DA (₹27,500) को हटाने पर वास्तविक बढ़ोतरी केवल ₹12,500 ही होगी यानी वेतन ₹77,500 से बढ़कर ₹90,000 होगा (अन्य भत्तों को छोड़कर)। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बेसिक पे में वृद्धि दिखने में भले ही ज्यादा हो, लेकिन असली फायदा नए DA स्ट्रक्चर पर निर्भर करेगा।

कर्मचारी यूनियनों की नाराजगी, बढ़ा फिटमेंट फैक्टर देने की मांग

नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (JCM) जैसे कर्मचारी संगठनों ने 1.8 के फिटमेंट फैक्टर को नाकाफी बताते हुए 7वें वेतन आयोग जितना या उससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर देने की मांग की है। हालांकि शुरुआती संकेत यह दर्शाते हैं कि सरकार कम फिटमेंट फैक्टर पर ही अडिग रह सकती है।

8th pay commission: 2026 तक लागू हो सकती हैं सिफारिशें

8वें वेतन आयोग की औपचारिक स्थापना आने वाले महीनों में होने की संभावना है और इसकी सिफारिशें 2026 के आसपास लागू की जा सकती हैं। बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारी अपनी वेतन संरचना में बदलाव को लेकर स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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