8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार जल्द बड़ा तोहफा दे सकती है। सरकार जल्द ही 8वें वेतन आयोग का गठन कर अपने कर्मचारियों के लिए अगले वेतन बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। केंद्रीय कर्मचारी लंबे समय से 8वें वेतन आयोग की मांग कर रहे हैं और केंद्र सरकार के कर्मचारी इसके ऐलान का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार 1 जनवरी 2026 तक 8वें वेतन आयोग का ऐलान कर सकती है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस बारे में कोई पुष्टि नहीं की गई है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि मोदी सरकार जल्द ही 8वें वेतन आयोग का गठन करेगी। नई सैलरी स्ट्रैक्चर के तहत कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन, बेनिफ्ट्स और पेंशन मिलेगा। क्योंकि 7वां वेतन आयोग का कार्यकाल खत्म होने की कगार पर है।
नहीं हुई आधिकारिक घोषणा
यह ध्यान रखना जरूरी है कि मोदी सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है और इसलिए इसके ऐलान के लिए कोई तारीख निर्धारित नहीं की है। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने में आमतौर पर 12 से 18 महीने लगते हैं। आयोग इस प्रक्रिया के दौरान कुछ बातों पर ध्यान में रखता है जैसे कि अर्थव्यवस्था की स्थिति, ताकि कर्मचारी वेतन और बेनिफिट्स में समायोजन की सिफारिश की जा सके।
कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
आम तौर पर केंद्रीय वेतन आयोग हर 10 साल में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और अन्य बेनिफिट्स की समीक्षा और संशोधन की सिफारिश करने के लिए बनाए जाते हैं। ये सिफारिशें महंगाई दर और अन्य बाहरी कारकों के आधार पर की जाती हैं। गौर हो कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सातवें वेतन आयोग का गठन 28 फरवरी 2014 को किया था। आयोग ने 19 नवंबर 2015 को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी दी। 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के सिफारिशों को 1 जनवरी 2016 को लागू किया गया था। इस प्रवृत्ति के मुमाबिक 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाना चाहिए। हालांकि केंद्र सरकार ने अभी तक इस मोर्चे पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
इतना हो सकता है न्यूनतम वेतन
ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) को उम्मीद है कि जनवरी 2026 में केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी। अब 8वें वेतन आयोग के जनवरी 2026 तक लागू होने की संभावना है। 8वें वेतन आयोग में अगर कर्मचारी यूनियन की मांग मान लेती है तो सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम वेतन 18,00 रुपये से बढ़कर 34,560 रुपये और न्यूनतम पेंशन 17,280 रुपये हो सकती है। सरकार के इस फैसले से 1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी और पेंशन में बदलाव हो सकता है।
