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Senior Citizens Schemes: बुढ़ापे की लाठी बनेंगे ये 5 फिक्स्ड इनकम ऑप्शन; आपका पैसा भी सेफ और कमाई भी सबसे ज्यादा

रिटायरमेंट का भरपूर आनंद लेने के लिए जेब में पैसा होना जरूरी है। आज की बढ़ती महंगाई में सिर्फ बचत करना काफी नहीं है, बल्कि उस पैसे को बढ़ाना भी जरुरी है। इसलिए यह जरूरी है कि अपनी जमा-पूंजी को सही स्कीमों में निवेश किया जाए।

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Senior Citizen

जीवन भर की मेहनत के बाद रिटायरमेंट का समय आराम और सुकून का होता है। लेकिन इस सुकून के लिए वित्तीय सुरक्षा (Financial Security) सबसे जरूरी है। बढ़ती महंगाई और घटते ब्याज दरों के दौर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि वे अपना पैसा कहां निवेश करें, जहां जोखिम कम हो और रिटर्न अच्छा मिले। शेयर बाजार की उठापटक से दूर, फिक्स्ड इनकम विकल्प बुजुर्गों के लिए सबसे भरोसेमंद साथी माने जाते हैं। भारत में ऐसी कई सरकारी और बैंक योजनाएं हैं जो न केवल मूल राशि की सुरक्षा की गारंटी देती हैं, बल्कि नियमित आय का जरिया भी बनती हैं।

1. सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम

वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित विकल्प है। सरकारी गारंटी वाली इस स्कीम में वर्तमान में काफी आकर्षक ब्याज मिल रहा है। इसमें निवेश की अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये है। SCSS की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हर तीन महीने (Quarterly) में ब्याज का भुगतान किया जाता है, जो बुजुर्गों के रोजमर्रा के खर्चों के लिए बहुत मददगार है। साथ ही, आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत इसमें टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है।

2. प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) और LIC प्लान

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के जरिए संचालित होने वाली योजनाएं वरिष्ठ नागरिकों को एक निश्चित पेंशन की गारंटी देती हैं। इसमें निवेशक यह चुन सकते हैं कि उन्हें पेंशन मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना चाहिए। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बाजार के जोखिमों से पूरी तरह बचना चाहते हैं। हालांकि, इन योजनाओं की समय सीमा (Tenure) आमतौर पर 10 साल होती है, जो लंबे समय तक आय की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

3. पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS)

अगर आप हर महीने एक फिक्स्ड अमाउंट चाहते हैं, तो डाकघर की यह योजना बेस्ट है। इसमें पैसा डूबने का कोई खतरा नहीं होता क्योंकि यह भारत सरकार द्वारा समर्थित है। इसमें सिंगल अकाउंट या जॉइंट अकाउंट के जरिए निवेश किया जा सकता है। निवेश की गई राशि पर मिलने वाला ब्याज सीधे आपके बचत खाते में आ जाता है। यह उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो बैंक के चक्कर काटने से बचना चाहते हैं और सुरक्षित सरकारी योजना में भरोसा रखते हैं।

4. बैंकों की स्पेशल फिक्स्ड डिपॉजिट (Special FDs)

ज्यादातर भारतीय बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों के मुकाबले 0.50% से लेकर 0.75% तक अतिरिक्त ब्याज देते हैं। कुछ बैंक 'सुपर सीनियर सिटीजन्स' (80 वर्ष से ऊपर) के लिए और भी अधिक दरों की पेशकश करते हैं। हाल के समय में बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है, जिससे एफडी फिर से एक आकर्षक विकल्प बन गई है। इसकी सबसे बड़ी खूबी 'लिक्विडिटी' है, यानी जरूरत पड़ने पर आप आसानी से पैसा निकाल सकते हैं (कुछ पेनल्टी के साथ)।

5. फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड

आरबीआई (RBI) द्वारा जारी किए जाने वाले ये बॉन्ड उन लोगों के लिए अच्छे हैं जो लंबे समय तक पैसा निवेश करना चाहते हैं। इनकी ब्याज दरें समय-समय पर बदलती रहती हैं (आमतौर पर नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी NSC से जुड़ी होती हैं)। इसका मतलब है कि अगर बाजार में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो आपके निवेश पर भी रिटर्न बढ़ जाएगा। हालांकि, इसमें पैसा लॉक-इन पीरियड के लिए जमा रहता है, इसलिए इसमें वही पैसा डालें जिसकी आपको तुरंत जरूरत न हो।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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