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Shares Collateral: 1010 शेयर NSE की कोलैटरल लिस्ट से बाहर, गिरवी रखकर नहीं मिलेगा पैसा, समझिए पूरी बात

Shares Pledged As Collateral: एनएसई ने कहा कि 1 अगस्त से वह केवल उन्हीं सिक्योरिटीज को कोलैटरल के रूप में स्वीकार करेगा, जिनका पिछले 6 महीनों में कम से कम 99 प्रतिशत दिनों में कारोबार हुआ हो और जिनकी 1 लाख रुपये के ऑर्डर वैल्यू के लिए 0.1 प्रतिशत तक की इम्पैक्ट कॉस्ट हो।

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हजारों शेयर NSE की कोलैटरल लिस्ट से बाहर

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • NSE ने शेयर कोलैटरल लिस्ट में किया बदलाव
  • 1010 शेयर किए गए बाहर
  • नहीं मिलेगा इन शेयरों पर लोन

Shares Pledged As Collateral: 1 अगस्त से 1010 शेयर कोलैटरल के तौर पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यह बदलाव तब हुआ है जब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने कोलैटरल के तौर पर एलिजिबल सिक्योरिटीज के लिए मानदंड में संशोधन किया है। जिन शेयरों को बतौर कोलैटरल स्वीकार नहीं किया जाएगा, उनमें प्रमुख शेयरों में अडानी पावर, यस बैंक, सुजलॉन एनर्जी, हुडको, भारत डायनेमिक्स, भारती हेक्साकॉम, आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर, एनबीसीसी, गो डिजिट, टाटा इन्वेस्टमेंट, पेटीएम और आईनॉक्स विंड शामिल हैं।

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किन शेयरों को बतौर कोलैटरल स्वीकार किया जाएगा

एनएसई ने कहा कि 1 अगस्त से वह केवल उन्हीं सिक्योरिटीज को कोलैटरल के रूप में स्वीकार करेगा, जिनका पिछले 6 महीनों में कम से कम 99 प्रतिशत दिनों में कारोबार हुआ हो और जिनकी 1 लाख रुपये के ऑर्डर वैल्यू के लिए 0.1 प्रतिशत तक की इम्पैक्ट कॉस्ट हो।

ज्यादा जानकारी के लिए आपको पहले मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) को समझना होगा। आगे जानिए इसके बार में।

क्या है MTF

एमटीएफ 'अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें' (Buy Now Pay Later) की तरह है। इसके तहत आप अधिक शेयर उनकी कुल कीमत के कुछ हिस्से को चुकाकर ही खरीद सकते हैं। बाकी पैसा ब्रोकर देता है और उस पर ब्याज लेता है।

मान लीजिए कोई निवेशक किसी कंपनी के 500 शेयर खरीदना चाहता है जिसका रेट 200 रुपये है, तो आवश्यक निवेश राशि 1 लाख रुपये होगी। MTF के तहत निवेशक केवल 30 प्रतिशत राशि का भुगतान करेगा, जबकि बाकी पैसा (70 प्रतिशत) ब्रोकर देगा और वो भी एक ब्याज दर पर।

अब समझिए कोलैटरल का मतलब

एमटीएफ निवेशकों को अपने ब्रोकर से पैसा उधार लेकर अपनी क्षमता से अधिक स्टॉक खरीदने की सुविधा देता है। ये उधार लिया गया फंड निवेशक के खाते में मौजूद स्टॉक या अन्य सिक्योरिटीज पर मिलता है। यह एक तरह की सिक्योरिटी डिपॉजिट होती है, जो ब्रोकर को आश्वस्त करता है कि उधार दिए गए फंड पर उनके पास कुछ सिक्योरिटी है।

इसलिए, ये गिरवी रखी गई सिक्योरिटीज 'कोलैटरल' है। इसी कोलैटरल में 1010 शेयर शामिल नहीं होंगे। जुपिटर वैगन्स, केआईओसीएल, ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन, जेबीएम ऑटो, हैटसन एग्रो प्रोडक्ट, तेजस नेटवर्क्स, स्वान एनर्जी अन्य वे स्टॉक हैं जो अब कोलैटरल के लिए एलिजिबल नहीं हैं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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