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लोन लेने जा रहे हैं, पहले इन 10 बातों को समझ लें, नहीं तो हो सकता है नुकसान

Loan Essential Tips: अक्सर आप पर्सनल लोन, गोल्ड लोन, होम लोन लेने जाते हैं तो बिना पूरी जानकारी के आवेदन कर देते हैं। जिसकी वजह से आपको नुकसान में भी पड़ने की संभावना होती है। इसलिए, लोन लेने से पहले उससे जुड़े समझौतों, नियमों और शर्तों को ध्यान से समझना जरूरी होता है। यहां आप 10 ऐसी महत्वपूर्ण बातों को जानेंगे जो आपके लिए जरूरी है।

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लोन लेने से पहले जान लें ये बातें (तस्वीर-istock)

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Loan Essential Tips : जब आप लोन लेने के लिए आवेदन करते हैं, जैसे पर्सनल लोन, गोल्ड लोन, होम लोन, क्रेडिट कार्ड आदि, तो अक्सर वे पूरी तरह से समझे बिना ही ये करते हैं। इसलिए लोन लेने से पहले लोन के नियम, शर्तें और समझौते को ध्यान से पढ़ना और समझना बहुत जरूरी होता है। ऐसा करने से बाद में कोई परेशानी या अनचाहा झंझट नहीं होता। लोन की शर्तों को समझने में लोग अक्सर सिर्फ ब्याज दर को ही देखते हैं, लेकिन लोन के बारे में जानने के लिए कई और बातें भी महत्वपूर्ण होती हैं। यहां 10 जरूरी बातें हैं, जिन्हें लोन लेने से पहले जरूर समझना चाहिए।

मूलधन

मूलधन, वह असली रकम है जो आपने बैंक या लोन देने वाली संस्था से उधार ली है। ब्याज इसी रकम पर लगता है।

ब्याज दर

ब्याज दर (Interest Rate), यह वह प्रतिशत होता है जो बैंक आपसे ब्याज के रूप में लेता है। यह स्थिर (फिक्स्ड) या बदलता (फ्लोटिंग) हो सकता है। ब्याज दर तय करती है कि लोन कितना महंगा या सस्ता होगा।

ईएमआई

ईएमआई, यह वह निश्चित मासिक रकम है जो आप हर महीने बैंक को देते हैं। इसमें आपका मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होता है।

लोन अवधि

लोन अवधि (Loan Tenure), यह वह समय होता है जिसमें आप पूरा लोन चुकाएंगे। ज्यादा समय लेने से मासिक किस्त कम होती है लेकिन कुल ब्याज बढ़ जाता है और कम समय लेने से मासिक किस्त ज्यादा होती है लेकिन कुल ब्याज कम लगता है।

एपीआर

एपीआर यानी (वार्षिक प्रतिशत दर), यह आपकी लोन की असली वार्षिक लागत बताता है। इसमें ब्याज के साथ-साथ सारे फीस और चार्ज भी शामिल होते हैं, इसलिए यह ब्याज दर से ज्यादा सही तस्वीर देता है।

प्री पेमेंट

पूर्व भुगतान (Prepayment), इसका मतलब है कि आप तय तारीख से पहले लोन का कुछ हिस्सा या पूरा पैसा चुकता कर सकते हैं। इससे ब्याज कम लगता है, लेकिन कुछ लोन में पहले भुगतान पर जुर्माना भी हो सकता है।

प्रोसेसिंग फीस

प्रसंस्करण शुल्क (Processing Fee), यह बैंक या संस्था लोन देने के लिए जो चार्ज लेते हैं। कभी-कभी यह फीस पहले ही काट ली जाती है या लोन राशि में जोड़ दी जाती है।

लोन मोरेटोरियम

लोन स्थगन (Loan Moratorium): जब कुछ खास परिस्थितियों में (जैसे कोरोना महामारी के दौरान) लोन की किस्तें कुछ समय के लिए रोक दी जाती हैं। लेकिन इस दौरान भी ब्याज बढ़ता रहता है।

कोलेटरल

कोलेटरल (Collateral), कुछ लोन में आपको कोई संपत्ति (जैसे घर, गाड़ी, सोना) गिरवी रखनी पड़ती है। अगर आप लोन नहीं चुकाते, तो बैंक उस संपत्ति को बेच सकता है।

एलटीवी

लोन-से-वैल्यू अनुपात (Loan-to-Value Ratio - LTV): यह बताता है कि आपकी संपत्ति की कीमत के मुकाबले आपको कितना लोन मिलेगा। कम LTV का मतलब है कम जोखिम।

ध्यान रखें कि पर्सनल लोन में जोखिम भी होते हैं जैसे कि ब्याज दरें ज्यादा हो सकती हैं। छुपे हुए फीस हो सकते हैं। क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ सकता है। सही समय पर चुकाने पर कानूनी समस्या हो सकती है। इसलिए लोन लेने से पहले अच्छी तरह सोचें और सभी बातें समझ लें।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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