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₹5 लाख हो या ₹50 लाख इन 10 तरह की कमाई पर नहीं लगता एक रुपए का भी टैक्स

मेहनत की कमाई पर भारी-भरकम टैक्स हर किसी को परेशान करता है, लेकिन ऐसी 10 कमाई हैं जिनपर एक रुपए का भी टैक्स नहीं लगता है। चाहे आपकी कमाई ₹5 लाख हो या ₹50 लाख, अगर वह इन 10 खास श्रेणियों में आती है, तो आप कानूनी रूप से अपनी पूरी बचत जेब में रख सकते हैं।

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Tax free income

जब भी हम कमाई की बात करते हैं, तो सबसे पहले दिमाग में 'इनकम टैक्स' का ख्याल आता है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अपनी मेहनत की कमाई का एक हिस्सा टैक्स में देना काफी अखरता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के टैक्स कानूनों में कई ऐसे प्रावधान हैं, जिनके जरिए आप कानूनी रूप से लाखों की कमाई पर जीरो टैक्स दे सकते हैं? जी हां, भारत में 10 ऐसी खास तरह की इनकम हैं, जिन्हें आयकर विभाग (Income Tax Department) 'टैक्स-फ्री' की केटेगरी में रखता है। अगर आप इन जरियों से पैसा कमाते हैं या निवेश करते हैं, तो आपकी कमाई चाहे ₹5 लाख हो या ₹50 लाख, सरकार उस पर एक रुपया भी टैक्स नहीं मांगेगी।

खेती और विरासत से मिली संपत्ति पर राहत

टैक्स फ्री इनकम की लिस्ट में सबसे ऊपर कृषि आय (Agricultural Income) आती है। भारत एक कृषि प्रधान देश है, इसलिए खेती से होने वाली किसी भी तरह की शुद्ध आय पर कोई टैक्स नहीं देना होता। इसी तरह, यदि आपको अपने पूर्वजों या माता-पिता से विरासत (Inheritance) में कोई संपत्ति, गहने या कैश मिलता है, तो वह भी टैक्स के दायरे से बाहर है। हालांकि, उस संपत्ति को आगे बेचने पर होने वाले मुनाफे पर कैपिटल गेन टैक्स लग सकता है, लेकिन मिलते समय यह पूरी तरह मुफ्त है। इसके अलावा, शादी-ब्याह के मौके पर रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलने वाले गिफ्ट्स (Gifts) भी टैक्स-फ्री होते हैं, बशर्ते वे निर्धारित सीमा और नियमों के भीतर हों।

इन 10 कमाई पर नहीं लगता टैक्स

  • खेती से होने वाली इनकम भारत में कृषि से होने वाली आय पूरी तरह टैक्स-फ्री है। हालांकि, अगर यह ₹5000 से अधिक है और आपकी अन्य आय टैक्स सीमा से ऊपर है, तो इसे केवल टैक्स रेट गणना के लिए जोड़ा जाता है।
  • पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पीपीएफ में निवेश पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी की राशि पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है। इसमें सालाना ₹1.50 लाख तक के निवेश पर धारा 80C का लाभ भी मिलता है।
  • EPF निकासी अगर आपने लगातार 5 साल तक नौकरी की है, तो ईपीएफ से निकाली गई पूरी राशि (योगदान + ब्याज) टैक्स-फ्री होती है।
  • लाइफ इंश्योरेंस मैच्योरिटी बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी या मृत्यु पर मिलने वाला क्लेम टैक्स-फ्री है, बशर्ते प्रीमियम की राशि 'सम एश्योर्ड' के 10% से अधिक न हो।
  • स्कॉलरशिप छात्रों को शिक्षा के लिए मिलने वाली किसी भी प्रकार की छात्रवृत्ति पर कोई टैक्स नहीं लगता है।
  • गिफ्ट (उपहार) रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट और विरासत में मिली संपत्ति टैक्स-फ्री है। गैर-रिश्तेदारों से ₹50,000 तक के गिफ्ट टैक्स-फ्री हैं, उससे अधिक होने पर पूरी राशि पर टैक्स लगता है।
  • वसीयत की संपत्ति भारत में विरासत में मिली संपत्ति पर कोई टैक्स नहीं है। हालांकि, उस संपत्ति से भविष्य में होने वाली कमाई पर सामान्य नियमों के अनुसार टैक्स देना होगा।
  • सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेटियों के लिए शुरू की गई इस योजना में मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि दोनों टैक्स-फ्री होते हैं।
  • टैक्स-फ्री बॉन्ड्स सरकारी संस्थानों द्वारा जारी विशेष टैक्स-फ्री बॉन्ड्स से मिलने वाला सालाना ब्याज आयकर के दायरे से बाहर रहता है।
  • ग्रेच्युटी सरकारी कर्मचारियों के लिए पूरी ग्रेच्युटी टैक्स-फ्री है, जबकि प्राइवेट कर्मचारियों के लिए इसकी सीमा ₹20 लाख तक तय की गई है।
Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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