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एसईईपीसीओ की पहल से निर्मित हुआ काली-3 सिक्योरिटी स्पोर्ट वेसेल

नाइजीरियाई नौसेना के साथ साझेदारी में तैयार किया गया 'काली-3' सिक्योरिटी स्पोर्ट वेसेल इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। डेल्टा स्टेट स्थित ओकेपाई एचएम शिपयार्ड में बने इस पोत के निर्माण में स्थानीय संसाधनों और प्रतिभाओं का खुलकर इस्तेमाल किया गया है।

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ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका अब केवल तेल और गैस के उत्पादन तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि यह देशों की तकनीकी और औद्योगिक क्षमताओं को भी मजबूत कर रही है। नाइजीरिया में नितिन संदेसरा के स्वामित्व वाली ऊर्जा कंपनी एसईईपीसीओ (SEEPCO) ने इसका एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। कंपनी ने अपने पारंपरिक कामकाज से आगे बढ़कर समुद्री इंजीनियरिंग और जहाज निर्माण के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर छुआ है।

नाइजीरियाई नौसेना के साथ साझेदारी में तैयार किया गया 'काली-3' सिक्योरिटी स्पोर्ट वेसेल इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। डेल्टा स्टेट स्थित ओकेपाई एचएम शिपयार्ड में बने इस पोत के निर्माण में स्थानीय संसाधनों और प्रतिभाओं का खुलकर इस्तेमाल किया गया है।

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें लगभग 200 नाइजीरियाई नागरिकों ने अपना योगदान दिया। इनमें नाइजर डेल्टा क्षेत्र के युवा इंजीनियर, नौसैनिक वास्तुकार, वेल्डर, तकनीशियन और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी शामिल थे। विशेषज्ञों का मानना है कि जहाज निर्माण केवल एक पोत तैयार करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह डिजाइन, फैब्रिकेशन, मरीन इंजीनियरिंग और परियोजना प्रबंधन जैसे कई जटिल तकनीकी क्षेत्रों का संगम है।

स्थानीय पेशेवरों की इस भागीदारी से उन्हें वास्तविक और बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अमूल्य अनुभव मिला है। यह अनुभव भविष्य में देश के अन्य औद्योगिक और समुद्री प्रोजेक्ट्स में भी काम आएगा।

नाइजीरिया जैसे तेल उत्पादक देश में समुद्री बुनियादी ढांचे और सुरक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। 'काली-3' जैसी परियोजनाएं न केवल नौसेना को मजबूत करती हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर विनिर्माण को भी बढ़ावा देती हैं। इससे एक मजबूत सप्लाई चेन और औद्योगिक नेटवर्क विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है।

स्पष्ट है कि एसईईपीसीओ की यह पहल नाइजीरिया में रोजगार सृजन और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो भविष्य के लिए मजबूत औद्योगिक नींव तैयार कर रही है।

(No Times Now Hindi Journalists are involved in creation of this article.)

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