Plant Fungus Treatment: बालकनी में रखे पौधे की पत्तियों पर सफेद पाउडर जैसा कुछ दिखे, तो उसे धूल समझकर नजरअंदाज न करें। यह फंगस का संकेत हो सकता है। हालांकि, हर सफेद निशान की वजह एक जैसी नहीं होती। पत्तियों पर जमी परत और गमले की मिट्टी पर उगी फफूंद को एक ही उपाय से ठीक करने की कोशिश भी सही नहीं है। पौधे को बचाने के लिए पहले परेशानी पहचानना जरूरी है।
गार्डन अप की एकता चौधरी के सुझावों में घरेलू उपायों के साथ संक्रमित हिस्से हटाने और पानी देने का तरीका सुधारने पर भी जोर है। यानी केवल स्प्रे करके पौधे को उसी हाल में छोड़ देना पर्याप्त नहीं हो सकता।
पौधों पर फंगस की पहचान कैसे करें
पत्तियों और तनों पर आटे जैसी सफेद परत पाउडरी मिल्ड्यू का लक्षण हो सकती है। दूसरी ओर, पत्तियों का पीला होना और पौधे का मुरझाना जड़ों की समस्या से भी जुड़ा हो सकता है। केवल रंग देखकर निष्कर्ष निकालने के बजाय मिट्टी की नमी और पानी निकलने की व्यवस्था भी जांचें।
कई बार हम मुरझाए पौधे को प्यासा समझकर और पानी दे देते हैं। लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी भी जड़ों के सड़ने की वजह बन सकता है। ऐसे में अतिरिक्त पानी परेशानी बढ़ा सकता है।
क्या दूध और पानी से फंगस हट सकती है
एकता खीरे जैसे पौधों में पाउडरी मिल्ड्यू के लिए एक कप दूध में चार कप पानी मिलाकर प्रभावित पत्तियों पर स्प्रे करने का सुझाव देती हैं। इस उपाय को हर तरह की फंगस का इलाज समझकर इस्तेमाल न करें। खासकर जड़ों की सड़न में केवल पत्तियों पर स्प्रे करने से मूल समस्या दूर नहीं होगी।
पौधों पर सिरका डालना सही है
इंटरनेट पर घरेलू नुस्खा देखकर गमले में सिरका डालने की जल्दबाजी न करें। एकता नए बागवानों को इससे बचने की सलाह देती हैं। इसकी अम्लीय प्रकृति के कारण गलत इस्तेमाल से पौधा झुलस सकता है। वह यह भी बताती हैं कि नीम का तेल उनकी पसंद के उपायों में शामिल है, लेकिन फंगस की हर समस्या के लिए यह पर्याप्त नहीं होता।
फंगस वाली पत्तियां काटनी चाहिए
यदि कुछ पत्तियां या टहनियां ही प्रभावित हैं, तो एकता उन्हें हटाने का सुझाव देती हैं। बहुत ज्यादा संक्रमण वाले पौधे को दूसरे पौधों से अलग रखना भी जरूरी है। संक्रमित हिस्से हटाने और आसपास हवा का बहाव बढ़ाने से पाउडरी मिल्ड्यू को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
गमले इतने सटाकर न रखें कि पत्तियों के बीच हवा पहुंच ही न पाए। घनी बढ़वार और हवा की कमी बीमारी के लिए अनुकूल स्थिति बना सकती है।
गमले की मिट्टी पर सफेद फफूंद दिखे तो क्या करें
मिट्टी पर सफेद फफूंद दिखने का मतलब हमेशा यह नहीं कि पौधा खराब हो चुका है। यह बढ़वार मिट्टी के जरूरत से ज्यादा गीले रहने का संकेत भी हो सकती है। पहले पानी देने की आदत बदलें और पौधे के आसपास हवा आने दें।
हर दिन तय समय पर पानी डालने के बजाय मिट्टी जांचें। पौधे की जरूरत के अनुसार पानी दें। गमले में पानी जमा रहने की समस्या हो, तो उसे भी ठीक करें।
फंगस दोबारा न लगे, इसके लिए क्या करें
पानी मिट्टी में दें और पत्तियों को बार-बार भिगोने से बचें। पौधे की नियमित जांच करें, ताकि नए धब्बे समय पर दिख जाएं। संक्रमण बढ़ता रहे तो बीमारी की पहचान करवाकर उसी पौधे और रोग के लिए उपयुक्त फंगीसाइड चुनें। दवा की मात्रा उसके लेबल के अनुसार रखें। पौधे की देखभाल में सही पहचान और सही माहौल, दोनों की जरूरत होती है।
