Chhapra : दो साल से चल रही थी पत्नी और उसके लवर की सीक्रेट लव स्टोरी, पति बना रास्ते का कांटा तो किया खेल खत्म
- Curated by: Nilesh Dwivedi
- Updated Dec 12, 2025, 12:58 PM IST
बिहार के छपरा में रेलवे ट्रैक पर मिले युवक की मौत का रहस्य चंद घंटों में सुलझ गया। जांच में सामने आया कि हत्या किसी हादसे या सुसाइड नहीं, बल्कि पत्नी और उसके प्रेमी की साजिश थी। पुलिस ने कॉल डिटेल और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
छपरा में दिल दहला देने वाला मर्डर केस (सांकेतिक फोटो: iStock)
Chhapra News: बिहार के छपरा में बुधवार को रेलवे ट्रैक पर मिले युवक की मौत का राज गुरुवार को सामने आ गया। जांच में पता चला कि युवक की हत्या उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी। हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए दोनों ने शव को घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर ट्रैक पर रख दिया था। पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी राकेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार है।
मृतक की पहचान 30 वर्षीय रोहित यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार रोहित की हत्या रिविलगंज थाना क्षेत्र के जखुआ गांव स्थित जंगल में की गई थी। एसपी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि रोहित की पत्नी का उसके दोस्त राकेश से पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध था। मंगलवार रात पत्नी राकेश से मिलने रेलवे लाइन के पास गई थी। इसी दौरान रोहित ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। पकड़े जाने के डर से दोनों ने मिलकर रोहित की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर छोड़कर भाग निकले।
2020 में हुई थी शादी
रोहित और उसकी पत्नी की शादी वर्ष 2020 में हुई थी। शादी के बाद उनके दो बेटे हुए, बड़ा बेटा 4 साल का है और छोटा 2 साल का। शादी के करीब दो साल बाद रोहित रोजगार की तलाश में गुजरात चला गया और अपने परिवार को भी वहीं ले गया। साल 2023 के अंत में रोहित ने अपने गांव के दोस्त राकेश को भी उसी कंपनी में नौकरी दिलवा दी। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और उनके घरों के बीच लगभग 200 मीटर की दूरी थी। गुजरात जाने से पहले भी राकेश के रोहित के घर आना-जाना था, लेकिन गुजरात में साथ काम करने और पास-पास रहने के कारण यह मेलजोल और बढ़ गया। राकेश अक्सर रोहित के घर खाना खाने आता था। यही से राकेश और रोहित की पत्नी के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों पिछले दो वर्षों से गुप्त संबंध में थे। रोहित के रोज काम पर निकलने के बाद उसकी पत्नी राकेश को घर बुला लेती थी। दोनों कई घंटों तक साथ समय बिताते थे और फिर राकेश लौट जाता था।
दो सालों तक लगातार चला संबंध
यह सिलसिला लगभग दो वर्षों तक चलता रहा, लेकिन रोहित को इसकी कोई जानकारी नहीं हो पाई। 1 दिसंबर को रोहित अपनी पत्नी, बच्चों और राकेश के साथ अपनी बहन की शादी में शामिल होने गांव आया था। इस दौरान रोहित ने देखा कि उसकी पत्नी अक्सर रात में घर से बाहर चली जाती है। शक होने पर एक दिन उसने पत्नी का पीछा किया और उसे राकेश से मिलते हुए देख लिया। 4 दिसंबर को रोहित को दोनों के संबंधों के बारे में पूरी तरह पता चल गया। अगले दिन, 5 दिसंबर को रोहित ने पत्नी से काफी समझाइश की और राकेश से दूरी बनाने को कहा। इस बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई, लेकिन पत्नी अपने प्रेमी से संबंध खत्म करने को तैयार नहीं हुई। 9 दिसंबर, मंगलवार की रात महिला फिर राकेश से मिलने जंगल की ओर गई। रोहित को संदेह हुआ और वह चुपचाप उसके पीछे-पीछे वहां तक पहुंच गया।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम
रात करीब 12 बजे रोहित ने अपनी पत्नी और राकेश को घर से लगभग 50 मीटर दूर जंगल में आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। उस समय राकेश का एक दोस्त भी मौजूद था, जो दोनों के संबंधों की जानकारी रखता था और राकेश का समर्थन करने के लिए वहीं छिपा हुआ था। जैसे ही उसने रोहित को देखा, वह उसे पकड़कर रोक लिया और राकेश को आवाज दी। पत्नी और राकेश मौके पर पहुंचे तो तीनों ने मिलकर रोहित को खत्म करने की साजिश रच ली। रोहित की पत्नी ने उसका हाथ पकड़ लिया और राकेश ने चाकू से उसका गला काटकर हत्या कर दी। वारदात को आत्महत्या जैसा दिखाने के लिए शव को लगभग 100 मीटर दूर रेलवे ट्रैक पर ले जाकर बीचों-बीच फेंक दिया गया।
पत्नी ने कबूल किया अपना जुर्म
इसके बाद तीनों आरोपी अपने घर लौट गए। अगली सुबह रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हुई। कॉल डिटेल, मूवमेंट, लोकेशन और वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल की जांच के आधार पर पुलिस ने कुछ ही घंटों में हत्या की पूरी कहानी जोड़ ली। जांच के दौरान हत्या में इस्तेमाल चाकू, अपराध के समय के कपड़े समेत कई अहम सबूत बरामद किए गए। पूछताछ में राकेश और मृतक की पत्नी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। एसएसपी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की सुनवाई SPG-12 के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी, ताकि मृतक को जल्द न्याय मिल सके और दोषियों को कड़ी सजा मिले।