टाटा की यह कार बिक्री में नंबर-1, डिजायर, पंच और क्रेटा को पछाड़ा
- Authored by: Pradeep Pandey
- Updated Mar 2, 2026, 12:35 PM IST
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने फरवरी 2026 में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को मिलाकर कुल 63,331 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की। यह आंकड़ा फरवरी 2025 की 46,811 यूनिट्स के मुकाबले 57% अधिक है।
देश की नंबर 1 एसयूवी/Photo- Tata
फरवरी 2026 की पैसेंजर व्हीकल बिक्री की रिपोर्ट आई गई है। हर महीने यह रिपोर्ट जारी की जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां टाटा नेक्सन ने बिक्री के मामले में पहला स्थान हासिल किया। इसके साथ ही यह देश की नंबर 1 एसयूवी बन गई। इस दौरान नेक्सन की 19,430 यूनिट्स बिकीं, जबकि मारुति डिजायर 19,326 यूनिट्स के साथ बेहद मामूली अंतर से दूसरे पायदान पर रही।
Tata Motors की बिक्री में 57% की सालाना बढ़ोतरी
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने फरवरी 2026 में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को मिलाकर कुल 63,331 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की। यह आंकड़ा फरवरी 2025 की 46,811 यूनिट्स के मुकाबले 57% अधिक है। घरेलू बाजार में कंपनी ने 62,329 यूनिट्स बेचीं, जो पिछले साल के इसी महीने की 46,435 यूनिट्स से 34% ज्यादा हैं। यानी कंपनी को 15,894 यूनिट्स की अतिरिक्त बिक्री हासिल हुई।
निर्यात में 167% की जोरदार छलांग
निर्यात के मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। फरवरी 2026 में 1,002 यूनिट्स विदेशों में भेजी गईं, जबकि फरवरी 2025 में यह संख्या केवल 376 यूनिट्स थी। इस तरह एक्सपोर्ट में 167% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
टॉप-5 में SUV का दबदबा
तीसरे स्थान पर Tata Punch रही, जिसकी 18,748 यूनिट्स बिकीं। चौथे नंबर पर Hyundai Creta ने 17,938 यूनिट्स की बिक्री के साथ जगह बनाई। Maruti Brezza की 17,863 यूनिट्स बिकीं, जबकि Maruti Ertiga ने 17,807 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की।
टॉप-10 में इन मॉडलों ने भी बनाई जगह
हैचबैक सेगमेंट में Maruti WagonR (14,885 यूनिट्स) और Maruti Swift (14,883 यूनिट्स) टॉप-10 सूची में शामिल रहीं। नौवें स्थान पर Mahindra Scorpio ने 14,665 यूनिट्स की बिक्री के साथ जगह बनाई, जबकि Maruti Baleno 14,632 यूनिट्स के साथ दसवें स्थान पर रही। फरवरी 2026 की बिक्री रिपोर्ट से साफ है कि भारतीय बाजार में SUV और कॉम्पैक्ट सेडान सेगमेंट की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
