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Second Hand Car Tips: खरीदने जा रहे हैं सेकेंड हैंड कार, इन बातों का रखें खास ध्यान

How to Buy Good Used Carsपिछले कुछ समय के दौरान भारत में सेकेंड हैं कारों की मांग में तेजी से वृद्धि हुई है। सेकेंड हैंड कारें पॉकेट फ्रेंडली होती हैं और साथ ही बहुत से फायदे भी प्रदान करती हैं। इन सभी कारणों की वजह से लोग सेकेंड हैंड कारें खरीदते हैं। अगर आप भी एक सेकेंड हैंड कारें खरीदने के बारे में विचार कर रहे हैं तो यह खबर आपके बहुत काम की हो सकती है।

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खरीदने जा रहे हैं सेकेंड हैंड कार, इन बातों का रखें खास ध्यान

Photo : iStock

Second Hand Cars In India: भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कार मार्केट है। पिछले कुछ समय के दौरान भारत में सेकेंड हैंड कारों की मांग में तेजी से वृद्धि हुई है। सेकेंड हैंड कारें बहुत ही पॉकेट फ्रेंडली होती हैं, इन्हें चलाना बहुत टेंशन भरा नहीं होता और साथ ही इन कारों का डेप्रिसिएशन रेट भी कम होता है जिसकी वजह से ज्यादातर लोग सेकेंड हैंड कारें खरीदते हैं। क्या आप भी एक सेकेंड हैंड कार खरीदने के बारे में विचार कर रहे हैं? अगर हां तो यह खबर आपके लिए ही है। आज हम आपको उन टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका ध्यान आपको सेकेंड हैंड कार खरीदते हुए रखना चाहिए।

Tips to Buy a Second Hand Car in India

कार की कंडीशन: इससे पहले कि आप एक सेकेंड हैंड कार खरीद लें उसकी कंडीशन को अच्छी तरह से जांच लें। कार की कंडीशन अच्छी होनी चाहिए और आप जितने पैसे दे रहे हैं उसके हिसाब से बिलकुल सटीक होनी चाहिए। कार की बॉडी पर मौजूद स्क्रैच से लेकर कार के इंटीरियर तक सबकुछ अच्छी तरह जांच लें।

कार का रजिस्ट्रेशन: इससे पहले कि आप एक सेकेंड हैंड कार खरीद लें, कार के रजिस्ट्रेशन से संबंधित डाक्यूमेंट्स को अच्छी तरह से पढ़ लें। कार के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर मौजूद सीरियल नंबर से कार के असली मालिक का पता चल सकता है। कार के मालिक से कार के सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स जरूर ले लें।

इंश्योरेंस है जरूरी: कार को खरीदने से पहले कार के इंश्योरेंस संबंधित पेपर जरूर जांच लें और कार की इंश्योर्ड डिक्लेअर्ड वैल्यू (IDV) और क्लेम हिस्ट्री अच्छी तरह से जांच लें। IDV के माध्यम से आप वर्तमान में मार्केट में मौजूद कार की कीमत का पता लगा सकते हैं और इस तरह आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपको ज्यादा दाम में कार न बेची जा रही हो।

कार का मॉडिफिकेशन: कार खरीदने से पहले यह जांच लें कि क्या आपकी जरूरत के अनुसार आप कार को मॉडिफाई करवा सकते हैं। क्या कार की बॉडी और फ्रेम इस लायक है कि अगर आप कोई मोडिफिकेशन करवाते हैं तो इससे कार को नुकसान नहीं होगा।

RC और इंश्योरेंस: कार का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और कार का इंश्योरेंस ध्यान से अपने नाम पर ट्रान्सफर करवा लें। कार की नई पॉलिसी के साथ-साथ कार की पुरानी इंश्योरेंस पॉलिसी को अपने नाम कर लें।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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