Second Hand Cars In India: भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कार मार्केट है। पिछले कुछ समय के दौरान भारत में सेकेंड हैंड कारों की मांग में तेजी से वृद्धि हुई है। सेकेंड हैंड कारें बहुत ही पॉकेट फ्रेंडली होती हैं, इन्हें चलाना बहुत टेंशन भरा नहीं होता और साथ ही इन कारों का डेप्रिसिएशन रेट भी कम होता है जिसकी वजह से ज्यादातर लोग सेकेंड हैंड कारें खरीदते हैं। क्या आप भी एक सेकेंड हैंड कार खरीदने के बारे में विचार कर रहे हैं? अगर हां तो यह खबर आपके लिए ही है। आज हम आपको उन टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका ध्यान आपको सेकेंड हैंड कार खरीदते हुए रखना चाहिए।
Tips to Buy a Second Hand Car in India
कार की कंडीशन: इससे पहले कि आप एक सेकेंड हैंड कार खरीद लें उसकी कंडीशन को अच्छी तरह से जांच लें। कार की कंडीशन अच्छी होनी चाहिए और आप जितने पैसे दे रहे हैं उसके हिसाब से बिलकुल सटीक होनी चाहिए। कार की बॉडी पर मौजूद स्क्रैच से लेकर कार के इंटीरियर तक सबकुछ अच्छी तरह जांच लें।कार का रजिस्ट्रेशन: इससे पहले कि आप एक सेकेंड हैंड कार खरीद लें, कार के रजिस्ट्रेशन से संबंधित डाक्यूमेंट्स को अच्छी तरह से पढ़ लें। कार के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर मौजूद सीरियल नंबर से कार के असली मालिक का पता चल सकता है। कार के मालिक से कार के सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स जरूर ले लें।
इंश्योरेंस है जरूरी: कार को खरीदने से पहले कार के इंश्योरेंस संबंधित पेपर जरूर जांच लें और कार की इंश्योर्ड डिक्लेअर्ड वैल्यू (IDV) और क्लेम हिस्ट्री अच्छी तरह से जांच लें। IDV के माध्यम से आप वर्तमान में मार्केट में मौजूद कार की कीमत का पता लगा सकते हैं और इस तरह आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपको ज्यादा दाम में कार न बेची जा रही हो।
कार का मॉडिफिकेशन: कार खरीदने से पहले यह जांच लें कि क्या आपकी जरूरत के अनुसार आप कार को मॉडिफाई करवा सकते हैं। क्या कार की बॉडी और फ्रेम इस लायक है कि अगर आप कोई मोडिफिकेशन करवाते हैं तो इससे कार को नुकसान नहीं होगा।
RC और इंश्योरेंस: कार का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और कार का इंश्योरेंस ध्यान से अपने नाम पर ट्रान्सफर करवा लें। कार की नई पॉलिसी के साथ-साथ कार की पुरानी इंश्योरेंस पॉलिसी को अपने नाम कर लें।
