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बजट है तैयार, पर समझ नहीं आ रहा नई Car लें या पुरानी? यहां मिलेगा सही जवाब

New Car vs Used Car: गाड़ी की जरूरत महसूस हो रही है लेकिन यह नहीं तय कर पा रहे कि नई कार लेनी चाहिए या सेकेंड हैंड तो ये जानकारी आपको सही फैसला लेने में मदद कर सकती है।

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New Car vs Used Car (AI Generated Image)

New Car vs Used Car: क्या आप भी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि नई कार लेनी चाहिए या पुरानी कार (second hand car) लेना फायदे का सौदा होगा?अगर हां तो ये जानकारी आपके काम की हो सकती है। नई कार और पुरानी कार खरीदने का निर्णय करने से पहले दोनों ही बातों में फायदे और नुकसान को समझना जरूर है। आइए जानते हैं नई या पुरानी कार कौन-सी कार ली जानी चाहिए-

नई गाड़ी यानी नई तकनीक और बेहतर सुरक्षा

सबसे पहले तो यही समझें कि नई कार खरीदने का सबसे बड़ा फायदा यह माना जाता है कि ग्राहक को बिल्कुल नया वाहन मिलता है, जिसमें नई तकनीक, बेहतर सुरक्षा फीचर्स और कंपनी की वारंटी मिलती है। नई कार में शुरुआती वर्षों में रखरखाव खर्च भी कम होता है। इसके अलावा नई कार खरीदने पर ग्राहक अपनी पसंद के रंग, मॉडल और फीचर्स चुन सकता है।

हालांकि नई कार खरीदने में सबसे बड़ी चुनौती उसकी तेजी से घटती कीमत होती है। नई कार शोरूम से बाहर निकलते ही उसकी कीमत कम होनी शुरू हो जाती है। शुरुआती कुछ वर्षों में वाहन की कीमत में बड़ा गिरावट देखने को मिल सकता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति कम बजट में वाहन खरीदना चाहता है, तो पुरानी कार बेहतर विकल्प मानी जा सकती है।

पुरानी कार यानी कम कीमत

पुरानी कार खरीदने का सबसे बड़ा फायदा कम कीमत है। सेकेंड हैंड कारें नई कारों की तुलना में काफी सस्ती मिल सकती हैं। इससे ग्राहक कम बजट में बेहतर मॉडल या ज्यादा फीचर्स वाली कार खरीद सकता है। इसके अलावा पुरानी कार पर बीमा और पंजीकरण शुल्क भी कई बार कम पड़ता है।

नई या पुरानी कौन-सी कार खरीदें

अगर कोई व्यक्ति पहली बार कार खरीद रहा है या रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए सीमित बजट में वाहन चाहता है तो सेकेंड हैंड कार एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है। खासतौर पर उन लोगों के लिए जो नई कार की भारी ईएमआई (EMI) से बचना चाहते हैं।

हालांकि पुरानी कार खरीदने में कुछ जोखिम भी जुड़े होते हैं। वाहन की सही स्थिति का पता लगाना जरूरी होता है। कई बार पुरानी कारों में छिपी हुई तकनीकी समस्याएं बाद में बड़ा खर्च बढ़ा सकती हैं। इसलिए इस्तेमाल की गई कार खरीदने से पहले उसकी सर्विस हिस्ट्री, इंजन की स्थिति, दुर्घटना रिकॉर्ड और दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करना जरूरी माना जाता है।

अगर पुरानी कार सर्टिफाइड डीलर या भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से खरीदी जाए, तो जोखिम काफी कम हो सकता है। कई कंपनियां अब प्रमाणित सेकेंड हैंड कारें बेच रही हैं, जिनके साथ सीमित वारंटी भी दी जाती है।

नई और पुरानी कार के बीच फैसला करते समय केवल खरीद कीमत ही नहीं, बल्कि कुल खर्च पर भी ध्यान देना चाहिए। इसमें EMI, बीमा, ईंधन खर्च, रखरखाव और भविष्य में मिलने वाली पुनर्बिक्री कीमत शामिल होती है।

वहीं, अगर किसी व्यक्ति की आय स्थिर है और वह लंबे समय तक वाहन इस्तेमाल करना चाहता है, तो नई कार बेहतर विकल्प हो सकती है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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