देश भर में पिछले 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी हो चुकी है। राजधानी दिल्ली में ही पेट्रोल का दाम 100 रुपये प्रति लीटर के पार हो चुका है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के बीच मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) भारत में अपनी पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार लॉन्च करने के साथ एक बड़ा दांव खेलने जा रही है। 5 जून 2026 को कंपनी अपनी फ्लेक्स-फ्यूल कार लॉन्च करने जा रही है। खास बात यह है कि यह कार 100 प्रतिशत इथेनॉल यानी E100 फ्यूल पर चल सकेगी।
मारुति ला रही फ्लेक्स-फ्यूल कार
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने खुद इस लॉन्च की जानकारी दी है। माना जा रहा है कि कंपनी अपनी लोकप्रिय हैचबैक Maruti Suzuki WagonR का फ्लेक्स-फ्यूल वर्जन पेश कर सकती है।
भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दे रही है। इसका मुख्य उद्देश्य क्रूड ऑयल आयात को कम करना और क्लीनर फ्यूल को बढ़ावा देना है। हाल ही में सरकार ने E100 फ्यूल को ऑटोमोबाइल टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन नॉर्म्स में शामिल किया है, जिससे प्योर इथेनॉल व्हीकल्स के लिए रास्ता साफ हो गया है।
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन क्या है
Flex-fuel vehicles ऐसे वाहन होते हैं, जो पेट्रोल और इथेनॉल के अलग-अलग ब्लेंड्स पर चल सकते हैं। नई Maruti Suzuki कार को लेकर माना जा रहा है कि यह E85 से लेकर E100 तक के फ्यूल ब्लेंड को सपोर्ट कर सकती है। यानी यह कार इथेनॉल की मात्रा ज्यादा होने पर भी आसानी से ऑपरेट हो सकेगी।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह लॉन्च भारतीय ऑटो इंड्स्ट्री के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अभी तक भारत में कोई भी फ्लेक्स-फ्यूल फोर व्हीलर कमर्शियल लेवल पर लॉन्च नहीं हुआ है। हालांकि Bharat Mobility Expo 2025 में कई कंपनियों ने फ्लेक्स-फ्यूल कॉन्सेप्ट जरूर दिखाए थे।
मारुति के पास इथेनॉल ब्लेंडिंग टेक्नोलॉजी
कंपनी की ओर से कहा गया है कि मारुति के पास इथेनॉल ब्लेंडिंग और फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी दोनों उपलब्ध हैं और जरूरत पड़ने पर कंपनी सरकार का पूरा समर्थन करेगी। हालांकि कंपनी का यह भी मानना है कि फिलहाल इस सेगमेंट की ग्रोथ धीमी रह सकती है, क्योंकि देशभर में E100 फ्यूल स्टेशन की संख्या अभी काफी कम है।
E100 फ्यूल स्टेशन की बढ़ेगी संख्या
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार अगले दो वर्षों में देशभर में लगभग 5,000 E100 fuel dispensing stations स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इससे flex-fuel vehicles को इस्तेमाल करना आसान हो सकता है।
वाहनों की शुरुआती लागत बढ़ने का अनुमान
Industry experts का कहना है कि higher ethanol blend वाले वाहन तैयार करने में शुरुआती लागत बढ़ सकती है। अनुमान है कि फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी की वजह से व्हीकल कॉस्ट लगभग 40,000 से 50,000 रुपये तक बढ़ सकती है। हालांकि लंबे समय में ethanol-based mobility से फ्यूल इंपोर्ट कम करने और प्रदूषण घटाने में मदद मिल सकती है।
