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Maruti Suzuki के लिए सिरदर्द बनी सेमीकंडक्टर चिप की तंगी, लाखों लोग कर रहे कार का इंतजार

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Mar 6, 2023, 12:46 PM IST

देश और दुनिया के सभी वाहन निर्माता लंबे समय से सेमीकंडक्टर चिप की तंगी से जूझ रहे हैं और Maruti Suzuki भी इससे अछूती नहीं रही है. कंपनी के 3.69 लाख से भी ज्यादा ऑर्डर पेंडिंग हैं और ग्राहक अपनी कार का इंतजार कर रहे हैं.

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कुछ खास मॉडल ऐसे है जिनकी डिमांड में कोई कमी नहीं आई है, लेकिन सप्लाई पर बड़ा प्रभाव पड़ा है.

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KEY HIGHLIGHTS
  • मारुति सुजुकी कारों के पेंडिंग ऑर्डर
  • डिमांड और सप्लाई में आया बड़ा अंतर
  • 3.69 लाख से ज्यादा हो चुका बैकलॉग

Maruti Suzuki Cars Waiting: सेमीकंडक्टर चिप की तंगी लंबे समय से वाहन निर्माताओं का सिरदर्द बनी हुई है और देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता मारुति सुजुकी भी इस समस्या से जूझ रही है. कंपनी का कहना है कि सेमीकंडक्टर चिप की तंगी आने वाली कुछ तिमाहियों तक बनी रहने वाली है. यही वजह है कि क्षमता होने के बावजूद उत्पादन में कमी आ रही है और लाखों लोग अपनी नई कार का इंतजार कर रहे हैं. कुछ खास मॉडल ऐसे है जिनकी डिमांड में कोई कमी नहीं आई है, लेकिन सप्लाई पर बड़ा प्रभाव पड़ा है. परिणामस्वरूप ग्राहकों को इन कारों पर लंबी वेटिंग मिल रही है.

डिमांड और सप्लाई में आया बड़ा अंतर

मारुति सुजुकी के सेल्स और मार्केटिंग के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि सेमीकंडक्टर चिप की तंगी लगातार बड़ी समस्या बनी हुई है और आने वाली कुछ तिमाहियों में भी ये तंबी बरकरार रहने वाली है. उन्होंने बताया कि पिछती तिमाही में इसी समस्या के चलते कंपनी 46,000 यूनिट पिछड़ गई है.

इन कारों का करना होगा इंतजार

फिलहाल मारुति सुजुकी के पेंडिंग ऑर्डर्स 3.69 लाख तक पहुंच चुके हैं जिसमें सिर्फ अर्टिगा का बैकलॉग करीब 94,000 यूनिट है. ग्रैंड विटारा और ब्रेजा की बात करें तो इन दोनों पॉपुलर एसयूवी पर क्रमशः 37,000 और 61,500 से ज्यादा बुकिंग पेंडिंग हैं. बता दें कि सेमीकंडक्टर चिप से कार के आधुनिक फीचर्स काम करते हैं और इसकी गैरमौजूदगी में कारों का उत्पादन बहुत बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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